शेयर मंथन में खोजें

एसऐंडपी बीएसई सेंसेक्स

भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए को बहुमत मिलने के बाद बाजार में मजबूती

कारोबारी सप्ताह के अंतिम दिन शुक्रवार को बाजार में मजबूती देखने को मिल रही है।

लोकसभा चुनाव 2019 में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए को बहुमत मिलने का बाजार पर सकारात्मक असर पड़ रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में जोरदार गिरावट का भी बाजार पर अच्छा असर पड़ा है। कल अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Brent Crude) के दाम 4.77% की गिरावट के साथ 67.76 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुए।
बीएसई सेंसेक्स (Sensex) 38,811.39 के पिछले बंद स्तर की तुलना में बढ़ोतरी के साथ 39,076.28 पर खुल कर 9.20 बजे के करीब 264.89 अंक या 0.68% की मजबूती के साथ 39,076.28 पर है। वहीं एनएसई का निफ्टी (Nifty) 11,657.05 के पिछले बंद स्तर के मुकाबले 11,748.00 पर खुल कर 88.00 अंक या 0.75% की वृद्धि के साथ 11,745.05 पर है।
दूसरी तरफ छोटे-मॅंझोले बाजारों में भी मजबूती दिख रही है। बीएसई मिडकैप में 1.41% और बीएसई स्मॉलकैप में 1.53% की मजबूती है। वहीं निफ्टी मिड 100 में 1.70% और निफ्टी स्मॉल 100 में 2.11% की तेजी है। इस समय निफ्टी के प्रमुख 50 में से 48 शेयर और सेंसेक्स के प्रमुख 31 शेयरों में से 31 शेयर मजबूत स्थिति में हैं। (शेयर मंथन, 24 मई 2019)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख