शेयर मंथन में खोजें

एसऐंडपी बीएसई सेंसेक्स

शानदार सोमवार- सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी (Nifty) हुए नयी ऊँचाइयों पर बंद

कारोबारी हफ्ते के पहले दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में शानदार तेजी देखी गयी।

बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) शुक्रवार के बंद स्तर 56,124.72 के मुकाबले सोमवार की सुबह बढ़त के साथ 56,329.25 पर खुला। आज दिन भर यह हरे निशान में रहा और दिन बीतने के साथ सेंसेक्स की मजबूती भी बढ़ती गयी। कारोबार के आखिरी आधे घंटे में सेंसेक्स की तेजी बढ़ी और यह ऊपर की ओर 56,958.27 तक चढ़ गया। इन्ट्रा-डे के लिहाज से यह सेंसेक्स का नया सर्वकालिक शिखर है। आखिरकार सेंसेक्स आज 765.04 अंकों या 1.36% की शानदार बढ़ोतरी के साथ 56,889.76 पर बंद हुआ, जो बंद भाव के लिहाज से इसका नया सर्वकालिक उच्चतम स्तर है। आज सेंसेक्स के 26 शेयरों में मजबूती दर्ज की गयी, जबकि इसके केवल चार शेयरों में कमजोरी देखी गयी।
सेंसेक्स के शेयरों की बात करें तो आज सोमवार को भारती एयरटेल (Bharti Airtel) में 4.44% और ऐक्सिस बैंक (Axis Bank) में 4.15% की वृद्धि दर्ज की गयी। दूसरी ओर टेक महिन्द्रा (Tech Mahindra) में 1.88% की कमजोरी ऱही।
अपने पिछले बंद स्तर 16,705.20 के मुकाबले सोमवार को एनएसई निफ्टी (NSE Nifty) ऊपर की ओर 16,951.50 तक चढ़ गया। इन्ट्रा-डे के लिहाज से यह इसका सर्वकालिक शिखर है। निफ्टी आज के कारोबार के अंत में 225.85 अंकों या 1.35% की बढ़ोतरी के साथ 16,931.05 पर बंद हुआ। बंद भाव के लिहाज से यह इसका नया सर्वकालिक उच्चतम स्तर है। आज निफ्टी के 43 शेयरों में तेजी, जबकि केवल सात शेयरों में कमजोरी दर्ज की गयी। (शेयर मंथन, 30 अगस्त 2021)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख