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केजरीवाल (Kejriwal) सरकार के फैसले से रिलायंस (RIL) हैरान

रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) ने केंद्र सरकार की ओर से गैस की कीमत बढ़ाये जाने के संदर्भ में एफआईआर दर्ज करने के दिल्ली सरकार के आदेश  को हैरान करने वाला बताया है।  

कंपनी ने एक बयान जारी कर कहा है कि जिस शिकायत और जिन आरोपों के आधार पर दिल्ली सरकार ने यह कदम उठाया है, वे एकदम निराधार हैं और उनमें कोई दम नहीं है। इसने बताया है कि आरोप लगाने वाले लोग वे ही हैं, जिन्होंने सर्वोच्च न्यायालय में भी इसी तरह के आरोपों के साथ एक याचिका दायर कर रखी है। 

कंपनी ने कहा है, “हम इन गैर-जिम्मेदार आरोपों को नकारते हैं। हम अपनी प्रतिष्ठा को बचाने और अपनी ओर से अब तक किये गये अग्रणी प्रयासों एवं निवेश को सुरक्षित रखने के लिए कानूनी उपायों का सहारा लेंगे।” 
गौरतलब है कि आज दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कुछ लोगों की एक शिकायत के आधार पर राज्य के एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) को रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani), पेट्रोलियम मंत्री वीरप्पा मोइली (Veerappa Moily), पूर्व पेट्रोलियम मंत्री मुरली देवड़ा (Murli Deora) और पूर्व डीजीएच वी के सिब्बल (V K Sibal) के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया। केजरीवाल ने स्वयं एक संवाददाता सम्मेलन में यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि रिलायंस ने गैस की कीमत 8 डॉलर प्रति यूनिट कराने के लिए गलत तरीके से मंत्रियों के साथ सांठ-गांठ की। कंपनी के विरुद्ध तीखे तेवर अपनाते हुए उन्होंने कहा कि कंपनी ने देश में कृत्रिम ढंग से गैस की कमी की है और गैस की कीमत उत्पादन लागत पर आधारित नहीं है। 
लेकिन केजरीवाल के इन आरोपों पर पेट्रोलियम मंत्री वीरप्पा मोइली ने उनकी खिल्ली उड़ायी। मोइली ने कहा कि केजरीवाल को यह समझना चाहिए कि तेल निकालना किसी कुएँ से बाल्टी में पानी निकालने जैसा नहीं है!
हालाँकि इन आरोपों और एफआईआर के आदेश के बीच आज शेयर बाजार में रिलायंस के शेयर भाव पर कुछ दबाव दिखा। बीएसई (BSE) में इसका शेयर भाव 1.96% गिरावट के साथ 805.50 रुपये पर बंद हुआ। (शेयर मंथन, 11 फरवरी 2014)

 

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