शेयर मंथन में खोजें

एसऐंडपी बीएसई सेंसेक्स

शेयरों पर नजर : लार्सन ऐंड टुब्रो, ओएनजीसी, नैल्को, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, रिलायंस इंडस्ट्रीज, गेल, गोदरेज इंडस्ट्रीज, टाटा स्टील और श्री सीमेंट

आज गुरुवार के कारोबार में खबरों की वजह से जिन चुनिंदा शेयरों पर नजर रहेगी उनमें लार्सन ऐंड टुब्रो, ओएनजीसी, नैल्को, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, रिलायंस इंडस्ट्रीज, गेल, गोदरेज इंडस्ट्रीज, टाटा स्टील और श्री सीमेंट शामिल हैं।


लार्सन ऐंड टुब्रो : कंपनी के सालाना लाभ में 18.55% और तिमाही लाभ में 137.11% की बढ़त हुई है।
ओएनजीसी : ओएनजीसी आज अपने तिमाही नतीजे घोषित करेगी।
नैल्को : नैल्को शेयरधारकों से 63.43 करोड़ शेयरों को वापस खरीदेगी।
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया : यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, भारत में प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में से एक, आज अपने वित्तीय परिणामों की घोषणा करेगा।
गेल : कंपनी की सालाना आमदनी में 17.79% और तिमाही आमदनी में 12.78% की गिरावट हुई है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज : रिलायंस इंडस्ट्रीज और बीपी पीएलसी, एक अपतटीय प्राकृतिक गैस ब्लॉक पर भारत सरकार के साथ अपने विवादों को खत्म करने के लिए योजना बना रहे हैं।
गोदरेज इंडस्ट्रीज : कंपनी को पिछले वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही में हुए 43.9 करोड़ रुपये के लाभ की तुलना में वित्त वर्ष 2015-16 के समान अवधि में 31.73 करोड़ रुपये का लाभ हुआ है।
टाटा स्टील : कंपनी को वित्त वर्ष 2015-16 की आखरी तिमाही में 3,279 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, जबकि पिछले वित्त वर्ष के समान समय में कंपनी 2,180 करोड़ रुपये के घाटे में रही थी।
श्री सीमेंट : कंपनी आज अपने तिमाही नतीजे घोषित करेगी।
टाटा मोटर्स : कंपनी 300 करोड़ रुपये मूल्य के डिबेंचर जारी करेगी। (शेयर मंथन, 26 मई 2016)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख