शेयर मंथन में खोजें

एसऐंडपी बीएसई सेंसेक्स

सिंडिकेट बैंक (Syndicate Bank) ने बढ़ायी एमसीएलआर (MCLR)

सिंडिकेट बैंक (Syndicate Bank) ने एमसीएलआर (MCLR) में 5 आधार अंकों की बढ़ोतरी कर दी है।

बैंक ने तीन महीनों के लिए एमसीएलआर 8.45% से बढ़ा कर 8.50% कर दी है। हालाँकि बैंक ने एक दिन के लिए 8.20%, एक महीने के लिए 8.30%, 6 महीनों के लिए 8.60% और एक वर्षीय एमसीएलआर 8.65% बरकरार रखी है।
बता दें कि आरबीआई (RBI) द्वारा हाल ही में द्विमासिक नीति समीक्षा में रेपो रेट में 25 आधार अंकों की कटौती किये जाने के बाद कई बैंकों ने अपनी एमसीएलआर में कटौती की है।
एमसीएलआर वह दर होती है, जिससे कम दर पर कोई भी बैंक आरबीआई द्वारा अनुमत कुछ मामलों को छोड़ कर ऋण नहीं दे सकता। एमसीएलआर दर के घटने का मतलब है कि आवास, ऑटो, व्यक्तिगत और बाकी सभी प्रकार के ऋणों पर दर कम हो जायेगी, क्योंकि ये सभी एमसीएलआर पर ही आधारित होते हैं।
बीएसई में सिंडिकेट बैंक का शेयर 34.80 रुपये के पिछले बंद स्तर के मुकाबले बढ़ोतरी के साथ 35.00 रुपये पर खुला। सकारात्मक शुरुआत के बाद यह अभी तक के कारोबार में 35.40 रुपये तक चढ़ा है।
करीब पौने 12 बजे बैंक के शेयरों में 0.40 रुपये या 1.15% की मजबूती के साथ 35.20 रुपये के भाव पर सौदे हो रहे हैं। इस भाव पर कंपनी की बाजार पूँजी 9,446.71 करोड़ रुपये है। वहीं पिछले 52 हफ्तों की अवधि में इसके शेयर का ऊपरी स्तर 52.10 रुपये और निचला स्तर 29.55 रुपये रहा है। (शेयर मंथन, 14 जून 2019)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख