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लक्ष्मी विलास बैंक-इंडियाबुल्स हाउसिंग के विलय को सीसीआई की मंजूरी, बैंक का शेयर ऊपरी सर्किट पर

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (Competition Commission of India) या सीसीआई ने इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस (Indiabulls Housing Finance) के लक्ष्मी विलास बैंक (Lakshmi Vilas Bank) के साथ विलय को मंजूरी दे दी है।

इस साल अप्रैल में ही लक्ष्मी विलास बैंक ने विस्तृत पूँजी आधार और व्यापक भौगोलिक पहुँच के साथ एक संयुक्त इकाई बनाने के इरादे से इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस के साथ अपने विलय की घोषणा की थी।
बता दें कि बैंक के निदेशक मंडल ने पहले ही इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस के साथ विलय को मंजूरी दे दी है। विलय के बाद 14,302 कर्मियों की क्षमता के साथ नयी कंपनी, जो कि एक बैंक होगा, की शुद्ध संपत्ति 19,472 करोड़ रुपये और ऋण बुक 1.23 लाख करोड़ रुपये की होगी। साथ ही सकल गैर-निष्पादित ऋण (एनपीएल) अनुपात 3.5% और शुद्ध एनपीएल अनुपात 2% होगा।
लक्ष्मी विलास बैंक और इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस का विलय होने पर बनने वाली नयी कंपनी की लगभग 800 शाखाएँ होंगी। साथ ही यह 40,000 करोड़ रुपये की बाजार पूँजी के साथ देश का आठवाँ सबसे बड़ा निजी बैंक होगा।
सीसीआई की मंजूरी से बैंक का शेयर 10% के दैनिक ऊपरी सर्किट भाव पर पहुँच गया है। बीएसई में लक्ष्मी विलास बैंक का शेयर 57.75 रुपये के पिछले बंद स्तर के मुकाबले आज गिरावट के साथ 57.10 रुपये पर खुला। शुरुआती कारोबार में गिरावट के बाद करीब सवा 10 बजे तक यह 63.50 रुपये के ऊपरी सर्किट पर पहुँच गया। साढ़े 11 बजे के करीब भी यह 9.96% की बढ़ोतरी के साथ 63.50 रुपये पर ही बरकरार है। वहीं इंडियाबुल्स हाउसिंग का शेयर 2.5% की बढ़ोतरी के साथ 615.00 रुपये पर है। (शेयर मंथन, 21 जून 2019)

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