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हिन्दुस्तान फ्लोरोकार्बन्स (Hindustan Fluorocarbons) ने लगातार पाँचवें दिन छुआ लोअर सर्किट

बीएसई में आज के कारोबार में हिन्दुस्तान फ्लोरोकार्बन्स (Hindustan Fluorocarbons) का शेयर लगभग पाँच फीसदी फिसल गया।

कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंजों को आज के कारोबार के समय भेजी गयी विज्ञप्ति में बताया कि उसे रसायन और उर्वरक मंत्रालय (Ministry of Chemicals and Fertilizers) से एक पत्र मिला है, जिसमें उसे कंपनी के कामकाज को बंद करने के केंद्रीय कैबिनेट के फैसले की सूचना दी गयी है। 22 जनवरी को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में इस बात को स्वीकृति दे गयी थी कि रसायन और पेट्रोरसायन विभाग के तहत आने वाली इस सरकारी कंपनी को बंद कर दिया जायेगा। यह कंपनी पहले से ही बोर्ड ऑफ इंडस्ट्रियल ऐंड फाइनेंशियल कंस्ट्रक्शन (BIFR) में बीमार कंपनी के तौर पर पंजीकृत थी। हिन्दुस्तान फ्लोरोकार्बन्स कारोबारी साल 2013-14 से लगातार घाटे में चल रही है और इसका नेटवर्थ नकारात्मक हो चुका है।
रसायन और उर्वरक मंत्रालय की ओर से कंपनी को भेजे गये पत्र में कहा गया है कि सरकार की ओर से इसे 77.2 करोड़ रुपये का ब्याज-मुक्त कर्ज दिया जायेगा। इसका इस्तेमाल यह कंपनी के कर्मचारियों को वीआरएस देने और अपनी अन्य देनदारियाँ चुकाने में कर सकती है।
बीएसई में आज कंपनी का शेयर 6.04 रुपये के पिछले बंद स्तर की तुलना में पाँच फीसदी कमजोरी के साथ 5.74 रुपये पर रहा। इस तरह आज इसने निचला सर्किट छू लिया। आज का सत्र लगातार पाँचवाँ ऐसा कारोबारी सत्र रहा, जब इसने निचला सर्किट छू लिया। इसके अलावा आज का बंद स्तर इसका 52 हफ्तों का इसका निम्नतम स्तर भी है। इस भाव पर कंपनी की बाजार पूँजी केवल 11.25 करोड़ रुपये है। (शेयर मंथन, 29 जनवरी 2020)

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