मारुति सुजुकी ने FY22 में रेलवे से 23 फीसदी ज्यादा गाड़ियां भेजी

देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी ने वित्त वर्ष 2022 में 2.33 लाख गाड़ियों को रेलवे से भेजकर एक नया रिकॉर्ड कायम किया है।

 देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी ने वित्त वर्ष 2022 में 2.33 लाख गाड़ियों को रेलवे से भेजकर एक नया रिकॉर्ड कायम किया है। आपको बता दें कि मारुति ने

8 साल पहले रेलवे से गाड़ियों को भेजने का काम शुरू किया था। कंपनी ने 2021-22 में 23 फीसदी ज्यादा गाड़ियां रेलवे के जरिए ट्रांसपोर्ट किए। 2020-21 में कंपनी ने 1.89 लाख गाड़ियों को रेलवे के जरिए ट्रांसपोर्ट किया था। कुल मिलाकर देखें को अब तक कंपनी ने करीब 11 लाख गाड़ियों को रेलवे के जरिए ट्रांसपोर्ट किया है। कंपनी के इस कदम से लगभग 4800 मीट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आई। इससे ट्रकों के 1.56 लाख ट्रिप की कमी के साथ करीब 17.4 करोड़ टन लीटर ईंधन की भी बचत हुई है। सड़क लॉजिस्टिक्स रेलवे लॉजिस्टिक्स के मुकाबले कम कार्बन फुटप्रिंट के साथ जाम घटाने में भी मददगार है।
मारुति सुजुकी इंडिया के कार्यकारी निदेशक राहुल भारती के मुताबिक कंपनी लगातार फैक्ट्री से डीलर्स को गाड़ियां भेजने के लिए रेलवे का इस्तेमाल बढ़ा रही है। 2014-15 में 66,000 इकाई के साथ यह सफर शुरू हुआ जो वित्त वर्ष 2022 में 2.33 लाख इकाई के स्तर पर आ गया है। आगे इसे और बढ़ाने के लिए कंपनी कई कदम उठा रही है। इंडस्ट्री की तरफ से सबसे पहले कदम उठाते हुए कंपनी ने गुजरात और हरियाणा सरकार के साथ संयुक्त उपक्रम का गठन किया है। संयुक्त उपक्रम के जरिए कंपनी हंसलपुर और मानेसर उत्पादन इकाई में रेलवे सिडिंग्स (रेल की दूसरी छोटी पटरी) लगाने के करार किया है। कंपनी रेल ट्रांसपोर्टेशन में अपनी हिस्सेदारी 15 फीसदी के मौजूदा स्तर से बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। पर्यावरण के फायदे का एहसास करते हुए कंपनी भारतीय रेलवे के साथ रेल ट्रांसपोर्ट के जरिए गाड़ियों के डिस्पैच के लिए काम कर रही है। कंपनी को दूसरे फायदों में दक्षिण और उत्तर-पूर्वी राज्यों में ग्राहकों तक जल्द गाड़ियां पहुंचना भी है। कंपनी ने रेलवे की तारीफ करते हुए कहा कि ऑपरेशनल लॉजिस्टिक्स जैसे रैक की उपलब्धता और प्राथमिकता के आधार पर ट्रांजिट रुट उपलब्ध कराए हैं। आपको बता दूं कि मारुति सुजुकी भारत की पहली ऐसी ऑटोमाबइल बनाने वाली कंपनी है जिसे 2013 में ऑटोमाबइल फ्रेट ट्रेन ऑपरेटर का लाइसेंस मिला है। इस लाइसेंस के मिलने से कंपनी भारतीय रेलवे नेटवर्क पर उच्च क्षमता और ऑटो वैगन रैक ऑपरेट करने के लिए योग्य है। कंपनी के पास 41 रेलवे रैक है जिसमें प्रति रैक 300 से ज्यादा गाड़ियों के ट्रांसपोर्ट की क्षमता है। फिलहाल मारुति सुजुकी 6 लोडिंग टर्मिनल दिल्ली-एनसीआर और गुजरात (गुरुग्राम, फारूखनगर, कठुआ, पाटली, देतरोज, छारोदी) शामिल हैं। इसके अलावा 16 डेस्टिनेशन टर्मिनल्स हैं जिसमें (बंगलुरू, नागपुर, मुंबई, गुवाहाटी, मुंद्रा पोर्ट, इंदौर, कोलकाता, चेन्नई, हैदराबाद,अहमदाबाद, फारूखनगर, सिलीगुड़ी, कोयंबटूर, पुणे, अगरतल्ला और सिलचर) शामिल हैं। 2019 में अगरतल्ला और सिलचर के 2021 में जुड़ने से उत्तर-पूर्व भारत में गाड़ियां 8 दिनों में पहुंच जाती हैं। यह सड़क यातायात के मुकाबले 50 फीसदी ज्यादा तेजी के साथ हो रहा है। पहले इन इलाकों में गाड़ियां पहुंचाने में 16 दिन का समय लगता था।

(शेयर मंथन 12 जून 2022)

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