शेयर मंथन में खोजें

एसऐंडपी बीएसई सेंसेक्स

नोएडा में जमीन के लिए गोदरेज प्रॉपर्टीज ने लगाई सबसे ज्यादा बोली

रियल एस्टेट की दिग्गज कंपनी गोदरेज प्रॉपर्टीज ने नोएडा की जमीन के लिए सबसे ज्यादा बोली लगाई है। गोदरेज प्रॉपर्टीज के मुताबिक इस जमीन में करीब 14 लाख वर्ग फीट को विकसित करने की संभावनाएं है। 

 इस प्रॉपर्टीज से कंपनी को करीब 3000 करोड़ रुपये की आय का अनुमान है। यह अनुमान मौजूदा कारोबारी आंकलन के हिसाब से है। मुंबई आधारित रियल एस्टेट कंपनी गोदरेज प्रॉपर्टीज ने एक्सचेंज को जानकारी देते हुए कहा कि नोएडा के सेक्टर 44 की एक जमीन के लिए कंपनी सबसे ज्यादा बोली लगाने वाली कंपनी घोषित की गई है। इसके साथ ही कंपनी ने प्राइम लैंड पार्सल विकसित करने के लिए आवंटन पत्र भी हासिल किया है। कंपनी ने यह बोली ई-ऑक्शन के जरिए जीती है। इस जमीन के लिए बोली नोएडा अथॉरिटी ने मंगवाई थी। इस जमीन पर कंपनी अलग-अलग साइज के आवासीय अपार्टमेंट विकसित कर बेचेगी। आपको बता दें कि कंपनी का नोएडा में यह छठा प्रोजेक्ट है।

कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौरव पांडेय ने कहा कि नोएडा के मौजूदा प्रोजेक्ट्स के लिए काफी मांग है और इस प्रोजेक्ट के बाद दिल्ली-एनसीआर (NCR) में कंपनी का पोर्टफोलियो पहले से और मौजूद हो जाएगा। सेक्टर 44 में स्थित इस लैंड पार्सल करीब 6.46 एकड़ में फैला हुआ है। सोमवार को भी कंपनी बंगलुरू में एक बड़े टाउनशिप विकसित करने के लिए करार किया है। यह करार मुनाफा साझा करने के आधार पर किया गया है। मौजूदा कारोबारी आंकलन के हिसाब से इस प्रोजेक्ट की अनुमानित बुकिंग वैल्यू करीब 5000 करोड़ रुपये की है। पिछले साल कंपनी ने गुरुग्राम के नए प्रोजेक्ट में 600 घर करीब 2600 करोड़ रुपये में बेची थी। यह प्रोजेक्ट बिक्री के हिसाब से अब तक सबसे सफल प्रोजेक्ट्स में से एक थी। पिछले 12 महीनों में शेयर में की 113% का उछाल देखने को मिला है। कंपनी का शेयर बीएसई पर 0.25% गिरकर 2485.85 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुआ।

 

(शेयर मंथन, 5 मार्च 2023)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख