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निफ्टी में कमजोरी बरकरार, कब आएगी असली रिकवरी?

मौजूदा बाजार हालात में अनिश्चितता अपने चरम पर है और निवेशकों के लिए दिशा तय करना काफी मुश्किल हो गया है। हाल के दिनों में बाजार में लगातार कमजोरी देखने को मिली है, जहां तीन दिनों से लाल कैंडल्स बन रही हैं।

बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार कहते है कि हालांकि बीच-बीच में तेजी की शुरुआत जरूर होती है, लेकिन वह टिक नहीं पाती और दोपहर तक मुनाफावसूली हावी हो जाती है। इसका सीधा संकेत है कि बाजार अभी भी आत्मविश्वास की कमी से जूझ रहा है और किसी मजबूत रिकवरी के मूड में नहीं दिख रहा।आने वाले दो से तीन हफ्ते बाजार के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं। अगर इस दौरान वैश्विक हालात सुधरते हैं और तेल की कीमतों में नरमी आती है, तो बाजार में रिकवरी देखने को मिल सकती है। लेकिन अगर तनाव बना रहता है, तो यह स्थिति अर्थव्यवस्था के लिए और ज्यादा चुनौतीपूर्ण बन सकती है।

खासकर ऊर्जा संकट, जैसे LNG, LPG और क्रूड की कमी, आर्थिक गतिविधियों पर दबाव डाल सकती है।इसी तरह NIFTY Bank यानी बैंक निफ्टी के लिए 48,000 से 50,000 के बीच मजबूत सपोर्ट है। अगर यह इंडेक्स 53,000 के ऊपर क्लोज करता है, तो इसमें भी शॉर्ट कवरिंग के चलते तेजी आ सकती है, जो इसे 54,500 से 55,500 तक ले जा सकती है। लेकिन यहां भी निर्णायक मजबूती के लिए ऊपरी स्तरों पर टिकना जरूरी होगा।कुल मिलाकर, बाजार इस समय पूरी तरह ग्लोबल फैक्टर्स पर निर्भर है और चार्ट भले ही डाउनट्रेंड दिखा रहे हों, लेकिन किसी भी बड़े बदलाव के लिए स्पष्ट संकेतों का इंतजार करना जरूरी है।

निवेशकों को इस समय जल्दबाजी में फैसले लेने के बजाय प्रमुख सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल्स पर नजर रखते हुए सतर्क रणनीति अपनानी चाहिए।टेक्निकल स्तर पर देखें तो Nifty 50 के लिए 22,000 के आसपास एक मजबूत सपोर्ट दिखाई देता है, जबकि ऊपर की ओर 23,100 का स्तर बेहद महत्वपूर्ण है। अगर निफ्टी इस स्तर के ऊपर क्लोज करता है, तो एक शॉर्ट कवरिंग रैली देखने को मिल सकती है, जो इसे 23,700 से 23,850 तक ले जा सकती है। हालांकि इस तेजी को स्थायी मानने के लिए 24,000 के ऊपर क्लोज होना जरूरी होगा। जब तक यह स्तर पार नहीं होता, तब तक हर उछाल को अस्थायी ही माना जाएगा।

इस पूरे परिदृश्य में दो सबसे महत्वपूर्ण संकेतक उभरकर सामने आते हैं, पहला, वैश्विक तनाव की स्थिति, खासकर मिडिल ईस्ट में हालात और दूसरा, कच्चे तेल यानी ब्रेंट क्रूड की कीमतें। जब तक ब्रेंट क्रूड 90 डॉलर के नीचे नहीं आता और वैश्विक स्तर पर तनाव कम होने के स्पष्ट संकेत नहीं मिलते, तब तक बाजार में स्थिरता की उम्मीद करना मुश्किल है। फिलहाल ब्रेंट 100 डॉलर के ऊपर बना हुआ है, जो बाजार के लिए चिंता का विषय है और इसी वजह से निवेशकों का भरोसा डगमगाता नजर आ रहा है।

 



(शेयर मंथन, 02 अप्रैल 2026) (आप किसी भी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)

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