शेयर मंथन में खोजें

एसऐंडपी बीएसई सेंसेक्स

एमएसईडीसीएल से टोरेंट पावर को 1540 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला

टोरेंट पावर को महाराष्ट्र में सोलर पावर प्रोजेक्ट के लिए बड़ा ऑर्डर मिला है। कंपनी को 1540 करोड़ रुपये का लेटर ऑफ अवॉर्ड यानी एलओए (LoA) मिला है।

 

यह ऑर्डर एमएसईडीसीएल (MSEDCL) यानी महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड से मिला है। कंपनी को मिले इस ऑर्डर के तहत 306 मेगा वाट के ग्रिड कनेक्टेड सोलर पावर प्रोजेक्ट विकसित करना है। यह प्रोजेक्ट महाराष्ट्र के नासिक में विकसित किया जाना है। कंपनी को यह ऑर्डर 7 मार्च को मिला है। महाराष्ट्र सरकार से यह ऑर्डर PM-KUSUM योजना के तहत दिया गया है। MSKVY 2.0 योजना के तहत MSEB सोलर एग्रो पावर लिमिटेड का लक्ष्य फीडर के स्तर पर सोलर पावर को डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क से जोड़ना है। MSAPL ने एक स्पेशल परपस व्हीकल यानी एसपीवी (SPV) का गठन किया है। इसे MSKVY नौंवे सोलर एसपीवी कहा गया है। इसके गठन का मकसद प्रोजेक्ट को सही तरीके से लागू करना है। इसके तहत रेवेन्यू लैंड पार्सल की पहचान करनी होती है जिसके लिए कुछ खास मंजूरियां लनी होती है। टोरेंट पावर प्रोजक्ट एसपीवी के 100% हिस्से का अधिग्रहण करेगी। इसके साथ ही केंद्र सरकार से केंद्रीय वित्तीय मदद तय क्षमता के तहत हासिल करेगी। कंपनी को यह मदद PM-KUSUM योजना के तहत मिलेगी। इस प्रोजेक्ट को लेटर ऑऱ एप्रूवल मिलने के 18 महीने में पूरा होने की उम्मीद है। इस प्रोजेक्ट से पैदा होने वाली बिजली की दर 25 साल के लिए 3.10 रुपये प्रति इकाई निर्धारित की गई है। 

इस ऑर्डर के मिलने से कंपनी की अंडरकंस्ट्रक्शन रिन्युएबल क्षमता बढ़कर 1.7 गीगा वाट हो गई है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद अगले 18-24 महीने में रिन्युएबल क्षमता बढ़कर 3 गीगा वाट हो जाएगी। कंपनी इसके अलावा ग्रीन एनर्जी के दूसरे क्षेत्र जैसे पंप्ड स्टोरेज हाइड्रो और ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में काम करने की दिशा में सोच रही है। कंपनी को मिले इस ऑर्डर से शेयर करीब 1.67% की तेजी के साथ 1162.70 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुआ है। 

(शेयर मंथन, 11 मार्च 2023)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख