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कपास के लिए बाधा, गेहूँ में नरमी का रुझान - एसएमसी

कपास वायदा (अप्रैल) की कीमतों के लिए 920 रुपये के स्तर पर बाधा रहने की संभावना है।

भारत के राजस्व विभाग द्वारा जीएसटी के तहत रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म के आदेश के बाद कपास की माँग में कमी रहने की संभावना है। केन्द्र ने इसके पहले रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म को 31 मार्च 2018 तक के लिए टाल दिया था, लेकिन अब किसानों से कपास की खरीदारी करने वालों को जीएसटी का भुगतान करने को कहा है, जिसके कारण कारोबारियों और धागा निर्मातओं की ओर से माँग कम हो सकती है। मेंथा ऑयल वायदा (नवंबर) की कीमतों के 1,600-1,700 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है। मेंथा ऑयल के सभी मौजूदा कॉन्ट्रैक्टों की खरीद पर 13 नंबर से कुल विशेष मार्जिन 20% लगा दिया गया है। गेहूँ वायदा (दिसंबर) की कीमतों के नरमी के रुझान के साथ 1,700-1,730 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है आगामी वैवाहिक सीजन की माँग को पूरा करने के लिए पर्याप्त सप्लाई के कारण कीमतों पर दबाव रह सकते है। इस माह के प्रारंभ तक भारत सरकार के गोदामों में 23.9 मिलियन टन गेहूँ का स्टॉक पड़ा हुआ था जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 35% बढ़कर 30.8 मिलियन टन हुई थी। ग्वारसीड वायदा (दिसंबर) की कीमतों के नरमी के रुझान के साथ 3,640-3,730 रुपये के दायरे में साइडवेज कारोबार करने की संभावना है। अधिक कीमतों पर माँग कम होने से ग्वारसीड और ग्वारगम की हाजिर कीमतों में गिरावट हुई हैं। बेंचमार्क जोधपुर बाजार में ग्वारसीड की कीमतें 3,540 रुपये प्रति 100 किलो ग्राम के स्तर पर हैं। (शेयर मंथन, 16 नवंबर 2017)

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