शेयर मंथन में खोजें

हल्दी मंदी, जीरा और धनिया में तेजी की उम्मीद - एसएमसी

हल्दी वायदा (दिसंबर) की कीमतों 7,370-7,565 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।

सांगली, इरोद और कुडप्पा में हल्दी की हाजिर कीमतों में गिरावट हुई है, जबकि निजामाबाद और डुग्गीराला में हल्दी की कीमतों में स्थिरता है। कम होती माँग के कारण सांगली, इरोद और कुडप्पा में हल्दी की हाजिर कीमतों में 100-130 रुपये की गिरावट हुई है। निजामाबाद और डुग्गीराला में काफी सुस्त कारोबार हुआ। जीरा वायदा (दिसंबर) की कीमतों के तेजी के रुझान के साथ 21,400 रुपये से ऊपर ही कारोबार करने की संभावना है। घरेलू खरीदारी की ओर से अधिक माँग के बीच सीमित आवक के कारण बेंचमार्क बाजार ऊझा और राजकोट में जीरे की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। बेहतर घरेलू और निर्यात माँग के कारण राजकोट में जीरे की कीमतों में 25 रुपये प्रति 20 किलो ग्राम की बढ़ोतरी हुई है। विश्व बाजार में भारतीय जीरे की भारी माँग हैं। तुर्की और सीरिया के जीरे की तुलना में भारतीय जीरे की कीमत काफी आकर्षक है जिसके कारण लगातार निर्यात माँग हो रही है। धनिया वायदा (दिसंबर) की कीमतों में तेजी रह सकती है और कीमतें 5,600-5,650 रुपये के स्तर पर पहुँच सकती है। शुरुआती आँकड़ों के अनुसार मौजूदा सीजन में किसानों के धनिया के बजाय अन्य लाभकारी फसलों की खेती की ओर से रुख करने के कारण कीमतों में उछाल दर्ज की गयी। (शेयर मंथन, 05 दिसंबर 2017)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख