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हल्दी के लिए बाधा, इलायची और धनिया में सुस्ती का रुझान

हल्दी वायदा (अप्रैल) की कीमतों को 7,800 रुपये के नजदीक रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता हैं।

हाजिर बाजारों में कमजोर रुझानों के कारण कीमतों की बढ़त पर रोक लगी रह सकती है। इरोद में आवक बढ़ने के कारण हल्दी की कीमतों में गिरावट हुई है। रेगुलेटेड मार्केट सोसाइटी में फिंगर वेरायटी की कीमतें 6,790-8,119 रुपये प्रति क्विंटल हैं और रूट वेरायटी की कीमतें 6,509-7,690 रुपये प्रति क्विंटल के दायरे में हैं। जीरा वायदा (जनवरी) की कीमतों के 21,500-21,950 रुपये के दायरे में साइडवेज कारोबार करने की संभावना है। गुजरात के प्रमुख बाजारों में जीरे की कीमतों में मिला-जुला रुझान है। निर्यातकों की ओर से खरीदारी हो रही है, लेकिन अधिक कीमतों के कारण स्टॉकिस्ट बाजार से दूरी बनाये हुए हैं। वर्तमान समय में विश्व बाजार में भारत जीरे का एक मात्रा आपूर्तिकर्ता है। अन्य देशों से जीरे की पर्याप्त आपूर्ति नही हो रही है। इलायची वायदा (जनवरी) की कीमतों के 1,045-1,070 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है। घरेलू बाजारों में उपलब्धता कम होने और कम भंडार के कारण कीमतों को मदद मिल सकती है। धनिया वायदा (जनवरी) की कीमतों के 5,600-5,750 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है। कम बुआई की खबरों के बीच स्टॉकिस्टों और घरेलू खरीदारों की ओर से अधिक खरीदारी के कारण राजकोट, कोटा और बरान में धनिया की कीमतो में 50-100 रुपये प्रति 100 किलो ग्राम की बढ़ोतरी हुई है। दूसरी ओर गुना धनिया की कीमतों में स्थिरता है। (शेयर मंथन, 21 दिसंबर 2017)

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