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हल्दी में नरमी का रुझान, जीरे में गिरावट की संभावना - एसएमसी

हल्दी वायदा (अप्रैल) की कीमतों के नरमी के रुझान के साथ 6,570-6,700 रुपये के दायरे में सीमित दायरे में कारोबार करने की संभावना है।

जनवरी में नयी फसल की आवक होने तक हल्दी की कीमतों में नरमी रहने की संभावना है। इरोद टर्मरिक मर्चेन्ट्स एसोसिएशन सेल्स यार्ड में फिंगर वेरायटी की कीमतें 5,603-8,088 रुपये प्रति क्विंटल और रूट वेरायटी की कीमतें 5,228-7,088 रुपये प्रति क्विंटल के दायरे में कारोबार कर रही हैं। रेगुलेटेड मार्केट कमिटी में फिंगर वेरायटी की कीमतें 6,700-7,700 रुपये प्रति क्विंटल और रूट वेरायटी की कीमतें 5,894-6,899 रुपये प्रति क्विंटल के दायरे में हैं।
जीरा वायदा (जनवरी) की कीमतें 18,785 रुपये के सहारा स्तर से नीचे टूट कर 18,500 रुपये तक लुढ़क सकती हैं। हाजिर बाजारों में कम खरीदारी के कारण हाल ही में जीरे की कीमतों में नरमी देखी जा रही है। खरीदार नयी फसल की आवक का इंतजार कर रहे हैं और फिलहाल खरीदारी कम कर रहे हैं। जीरे की बुआई दिसंबर के अंत तक होगी और नयी फसल की आवक फरवरी के अंत में शुरू होगी। गुजरात में 26 नवंबर तक जीरे की कुल बुआई 1,22,200 हेक्टेयर में हो चुकी है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 36% कम है।
धनिया वायदा (जनवरी) की कीमतों को 6,800 रुपये के स्तर पर बाधा का सामना करना पड़ सकता है। लेकिन यदि कीमतें इस स्तर को पार करती हैं, तो 6,900 रुपये तक बढ़त दर्ज की जा सकती है। प्रमुख उत्पादन क्षेत्रों में मॉनसून के दौरान कम बारिश के बाद बुआई में कमी की आशंका से देश के प्रमुख बाजारों में धनिया की कीमतों में बढ़ोतरी हो रही है। कारोबारी सूत्रों के अनुसार 2018-19 में धनिया का उत्पादन पिछले वर्ष की तुलना में कम होकर लगभग 2,40,000 टन होने का अनुमान है। (शेयर मंथन, 06 दिसंबर 2018)

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