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हल्दी में सुस्ती, जीरे में हो सकती है खरीदारी - एसएमसी

हल्दी वायदा (अप्रैल) की कीमतों के 6,400-6,565 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।

हाजिर बाजारों में कारोबारी मैसूर वेराइटी की नयी फसल की हल्दी की खरीदारी को लेकर काफी रुचि दिखा रहे हैं। केरल में मैसूर फिंगर वेराइटी की नयी फसल की हल्दी की अधिक माँग हो रही है। इसलिए केरल के कारोबारी सीधे किसानों से मैसूर फिंगर वेराइटी की खरीदारी 8,000-8,500 रुपये प्रति क्विंटल की दर से कर रहे हैं।
जीरा वायदा (मार्च) में निचले स्तर पर खरीदारी हो सकती है और कीमतों को 16,400 रुपये के स्तर पर सहारा रहने की संभावना है। बारिश से फसल नुकसान होने की आशंका और अधिक निर्यात माँग की संभावना से कल प्रमुख हाजिर बाजारों में जीरे की कीमतों में स्थिरता है। कारोबारी सूत्रों के अनुसार अप्रैल-दिसंबर 2018 में जीरे का निर्यात पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 13% की बढ़ोतरी के साथ लगभग 1,20,000 टन हुआ है। जीरे का कैरी ओवर स्टॉक भी 2,00,000-3,00,000 बैग (1 बैग 55 किलो ग्राम का) रहने का अनुमान है, जो 5,00,000 बैग की संभावना से कम है। नयी फसल की आवक फरवरी में शुरू होगी।
धनिया वायदा (अप्रैल) की कीमतों को 6,550 रुपये के स्तर पर सहारा रहने की संभावना है। बारिश के कारण आपूर्ति के बाधित होने के कारण कल गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश में धनिया की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। लेकिन बारिश से होने वाले नुकसान के काफी कम रहने की खबरों से बढ़त सीमित रही। (शेयर मंथन, 25 जनवरी 2019)

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