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हल्दी और इलायची की कीमतों में बढ़ोतरी संभव - एसएमसी

हल्दी वायदा (अगस्त) की कीमतों में तेजी का रुझान रहने की संभावना है और कीमतें 7,300 रुपये तक पहुँच सकती हैं।

बारिश की कमी के कारण पिछले वर्ष की तुलना में पैदावार क्षेत्रों में कमी के कारण कीमतों में तेजी का रुझान है। इरोद टर्मरिक मर्चेट सेल्स यार्ड में रूट वेराइटी की हल्दी की कीमतों में 450 रुपये प्रति क्विंटल और रेगुलेटेड मार्केट कमिटी में 300 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई है। रेगुलेटेड मार्केट कमिटी में फिंगर वेराइटी की हल्दी कीमतों में 300 रुपये प्रति क्विंटल और इरोद कोऑपरेटिव मार्केटिंग सोसाइटी में 200 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई है। इरोद टर्मरिक मर्चेट सेल्स यार्ड में फिंगर वेराइटी की हल्दी 5,759-7,469 रुपये प्रति क्विंटल और रूट वेराइटी की हल्दी 5,369-7,019 रुपये प्रति क्विंटल के दायरे में बिक रही हैं।
जीरा वायदा (अगस्त) की कीमतें यदि 18,400 रुपये के अड़चन स्तर को पार करती है तो 18,500-18,600 रुपये तक पहुँच सकती हैं। कम आवक के बीच स्थिर घरेलू और विदेशी माँग के कारण कीमतों में तेजी का रुझान है। बेहतर कीमतें मिलने की उम्मीद से किसानों द्वारा स्टॉक रोक कर रखे जाने से कीमतों को मदद मिल सकती है।
कम भंडार, कम बारिश और कम उत्पादन के कारण इलायची वायदा (अगस्त) की कीमतों में 3,250-3,280 रुपये तक बढ़त हो सकती है। केरल के प्रमुख उत्पादन क्षेत्रों में पिछले वर्ष की भारी बारिश के विपरीत इस वर्ष अत्यंत कम मॉनसून के कारण इलायची का उत्पादन सामान्य से 30-40% कम होने का अनुमान है। इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मॉनसून से लगभग 35% कम बारिश होने की संभावना है। इसलिए जुलाई में नयी फसल की होने के बावजूद कीमतों में गिरावट होने की संभावना नहीं है। माँग और आपूर्ति में भारी अंतर के कारण जो भी आवक होगी उसे स्टॉकिस्टों द्वारा खरीदा जायेगा।
धनिया वायदा (अगस्त) की कीमतों में 7,135 रुपये के नजदीक निचले स्तर पर खरीदारी की जा सकती है और 7,300-7,400 रुपये तक बढ़त दर्ज किये जाने की संभावना है। राजस्थान और गुजरात के प्रमुख उत्पादन क्षेत्रों में कम उत्पादन और अधिक निर्यात माँग के कारण कीमतों को मदद मिल सकती है। (शेयर मंथन, 18 जुलाई 2019)

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