शेयर मंथन में खोजें

फेडरल रिजर्व के फैसले से मिलेगी सर्राफा बाजार को दिशा - एसएमसी

सर्राफा की कीमतों में नरमी का रुझान रहने की संभावना है। सोने की कीमतों को 45,300 रुपये के स्तर पर बाधा के साथ 44,500 रुपये पर सहारा रह सकता है जबकि चांदी (मई) की कीमतों में काफी अधिक उठापटक हो सकती है और कीमतों में 67,800 रुपये के स्तर पर बाधा के साथ 66,900 रुपये पर सहारा रह सकता है।

आर्थिक सुधार में तेजी की उम्मीद से निवेशकों के जोखिम वाले एसेट में निवेश करने के कारण आज को सोने की कीमतों में नरमी देखी जा रही है जबकि निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व नीति की बैठक के फैसले का भी इंतजार कर रहे हैं। सोने की हाजिर कीमतें 1,732.32 डॉलर प्रति औसतन के नजदीक कारोबार कर रही हैं। अमेरिकी सोना वायदा 0.05% गिरकर 1,728.20 डॉलर पर कारोबार कर रहा है। फेड नीति निर्माताओं का अनुमान है कि 2021 में बेरोजगारी कम होने और मुद्रास्फीति बढ़ने के साथ अमेरिकी अर्थव्यवस्था दशकों में सबसे तेज गति से बढ़ेगी, क्योंकि कोविड-19 वैक्सीन में तेजी आयी है और लोगों के बीच 1.9 ट्रिलियन डॉलर के पैकेज को वितरित किया जा रहा है। एसएंडपी 500 और डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल औसत के अब तक के उच्च स्तर पर पहुँचने से भी सर्राफा की कीमतों पर दबाव पड़ा। बैंक ऑफ इंग्लैंड के गवर्नर एंडंयू बेली ने कहा है कि सावधानी की मजबूत खुराक के साथ और हाल ही में पूंजी बाजारों में ब्याज दरों में वृद्धि के कोविड की मंदी से उबरने की संभावना के अनुरूप होने के कारण वह अर्थव्यवस्था को लेकर अधिक आशान्वित है। जनवरी के 5.3% उछाल के बाद, मंगलवार को निवेशकों की नजर अमेरिकी वाणिज्य विभाग के फरवरी के खुदरा बिक्री आँकड़ों पर भी है।
दुनिया में सोने के सबसे बड़े एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड, एसपीडीआर गोल्ड ट्रस्ट की होल्डिंग सोमवार को 0.2% कम होकर 1,050.32 टन टन रह गयी। चांदी की कीमतें 0.2% गिरकर 26.22 डॉलर प्रति औसतन हो गयी। (शेयर मंथन, 16 मार्च 2021)

 

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख