शेयर मंथन में खोजें

सर्राफा में नरमी का रुझान - एसएमसी

सर्राफा की कीमतों में नरमी का रुझान रहने की संभावना है। सोने की कीमतों को 47,850 रुपये के स्तर पर बाधा के साथ 47,000 रुपये पर सहारा रह सकता है जबकि चांदी की कीमतों में नरमी का रुझान रहने की संभावना है और कीमतों को 63,550 रुपये के स्तर पर रुकावट के साथ 61,999 रुपये पर सहारा रह सकता है।

डॉलर के हाल के उच्च स्तर के पास कारोबार करने के कारण आज सोने की कीमतों में नरमी का रुझान है लेकिन डेल्टा कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा अपने प्रोत्साहन को वापस लेने में देरी करने की संभावना से कीमतें 1,800 डॉलर के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर कारोबार कर रही है। सोने की हाजिर की कीमतें 0.2% की गिरावट के साथ 1,801.78 डॉलर प्रति औसतन के नजदीक कारोबार कर रही है। अमेरिकी सोना वायदा 1,804.90 डॉलर पर कारोबार कर रहा है। डॉलर इंडेक्स कल करीब 0.6% की गिरावट के बाद फिर से मजबूत हुआ है जिससे अन्य मुद्राओं के धारकों के लिए सोने की माँग प्रभावित हुई है। आईएचएस मार्किट के आँकड़ों से पता चला है कि अगस्त में अमेरिकी व्यापार गतिविधि की वृद्धि लगातार तीसरे महीने धीमी रही क्योंकि क्षमता की कमी, आपूर्ति की कमी और तेजी से फैलते डेल्टा संस्करण ने रिकवरी की गति को कमजोर कर दिया। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष जेरोम पॉवेल इस हफ्ते जैक्सन होल, व्योमिंग संगोष्ठी में ‘आर्थिक दृष्टिकोण’ पर बात करेंगे, जहाँ कुछ विश्लेषकों को उम्मीद है कि वह केंद्रीय बैंक की प्रोत्साहन योजनाओं में कमी पर एक स्पष्ट रोडमैप तैयार करेंगे।
दुनिया में सोने के सबसे बड़े एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड एसपीडीआर गोल्ड ट्रस्ट की होल्डिंग सोमवार को 0.5% गिरकर 1,006.66 टन हो गयी, जो शुक्रवार को 1,011.61 टन थी। चांदी की कीमतें 0.5% गिरकर 23.54 डॉलर प्रति औसतन हो गयी। (शेयर मंथन, 24 अगस्त 2021)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख