शेयर मंथन में खोजें

कच्चे तेल की कीमतों में जारी रह सकती है अस्थिरता - एसएमसी (SMC)

कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता जारी रह सकती है, क्योंकि मध्य पूर्व और अमेरिका-ईरान संबंधें को लेकर भू-राजनीतिक तनाव के कारण निचले स्तर पर कुछ खरीदारी हो सकती है।
हाल ही में कमजोर वैश्विक आर्थिक वृद्धि के कारण मांग को लेकर चिंताओं के कारण तेल की कीमतों में गिरावट हुई है और यूरोप एवं जापान से मिले सुस्त आर्थिक आँकड़ों का प्रभाव तेल की मांग पर पड़ने लगा है। सऊदी अरब के तेल उत्पादन में अनुमान से पहले रिकवरी ने तेजड़ियों को हतोत्साहित किया है। सऊदी अरब ने अब तक 11.3 मिलियन बैरल/दिन की उत्पादन क्षमता को बहाल कर दिया है और अपने भंडार से तेल की आपूर्ति बढ़ा कर हमलों ग्राहकों को पर्याप्त आपूर्ति बनाये रखने में कामयाब रहा है।
हमले में सऊदी अरब का 5.7 मिलियन बैरल/दिन तेल उत्पादन बाधित हुआ था, जिससे तेल की कीमतों में 20% तक की बढ़ोतरी हुई। लेकिन सितंबर के अंत तक उत्पादन में रिकवरी के वादे से कीमतों पर दबाव पड़ा। अमेरिकी रिफाइनरियों की ओर से कम माँग के कारण भी तेल की कीमतों पर दबाव पड़ा। अमेरिका ने घोषणा की है कि सऊदी अरब की तेल उत्पादन सुविधाओं पर हमले के बाद वहाँ वायु रक्षा प्रणाली और सेना भेजेगा। कच्चे तेल की कीमतों को 4,300 रुपये पर प्रतिरोध के साथ 3,900 रुपये के स्तर पर सहारा रह सकता है।
नेचुरल गैस उच्च स्तर पर मुनाफावसूली जारी रह सकती है और कीमतें 185 के करीब प्रतिरोध के साथ 160 रुपये तक लुढ़क सकती है। अमेरिकी नेचुरल गैस भंडार में अनुमान से अधिक बढ़ोतरी के कारण अमेरिकी नेचुरल गैस वायदा की कीमतों में तीन हफ्ते के निचले स्तर पर गिरावट हुई है। ईआईए के अनुसार 20 सितंबर को समाप्त हफ्ते में अमेरिकी नेचुरल गैस भंडार में 102 बिलियन क्यूबिक फीट की बढ़ोतरी हुई है, जबकि अनुमान 90 बिलियन क्यूबिक फीट की बढ़ोतरी का था। एनओएए के अनुसार अगले 6-10 दिनों में मौसम सामान्य से अधिक गर्म होगा, लेकिन 8-14 दिन की अवधि के दौरान तापमान कम हो सकता है। (शेयर मंथन, 30 सितंबर 2019)

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख