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कच्चा तेल वायदा की कीमतों में बरकरार रह सकती है अस्थिरता - एसएमसी

एसएमसी कमोडिटीज की साप्ताहिक रिपोर्ट के अनुसार कच्चा तेल वायदा की कीमतों में अस्थिरता बरकरार रह सकती है।
चीन और अमेरिका के बीच व्यापार युद्ध के बाद वैश्विक अर्थव्यवस्था के धीमा होने की संभावना के कारण कीमतों पर दबाव रह सकता है, लेकिन मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव से कीमतों की गिरावट पर रोक लग सकती है। कच्चे तेल की कीमतों को 3,800 रुपये के स्तर पर सहारा और 4,100 रुपये पर प्रतिरोध रह सकता है। यद्यपि मध्य-पूर्व में आपूर्ति बाधित होने के कारण हाल ही में कीमतों में उछाल दर्ज की गयी है, लेकिन पिछले एक वर्ष से चीन और अमेरिका के बीच व्यापार युद्ध के बाद वैश्विक अर्थव्यवस्था के धीमा होने की आशंका के कारण कीमतों पर दबाव बना हुआ है।
कुशिंग, ओक्लोहामा, कच्चे तेल के भंडार में 4,48,000 बैरल की गिरावट हुई है, लेकिन गैसोलीन के भंडार में बाजार के अनुमान 7,30,000 बैरल की गिरावट की तुलना में 44 लाख बैरल की बढ़ोतरी हुई है। ईरान ने हाल ही में एक ब्रिटिश टैंकर को पकड़ लिया था जिससे होर्मुज स्ट्रेट में आपूर्ति बाधित होने की आशंका बढ़ गयी। ईरान के तेल निर्यात पर अमेरिकी प्रतिबंध और ओपेक द्वारा वर्ष के प्रारंभ से ही सप्लाई में कटौती के कारण कीमतों मदद मिली है। इसके साथ ही अमेरिकी शेल तेल उत्पादकों द्वारा भी इस वर्ष निवेश कम किये जाने की संभावना है।
नेचुरल गैस की कीमतों पर बिकवाली का दबाव रह सकता है और कीमतें 165 के स्तर पर बाधा के साथ 145 रुपये तक गिरावट दर्ज कर सकती हैं। सरकारी रिपोर्ट के अनुसार 2019 की दूसरी छमाही में हेनरी हब में नेचुरल गैस की हाजिर कीमतें औसतन 2.50 डॉलर और 2020 में 2.70 डॉलर/मिलियन ब्रिटिश थर्मल यूनिट रह सकती है। (शेयर मंथन, 29 जुलाई 2019)

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