शेयर मंथन में खोजें

बाजार दिशानहीन, दैनिक कारोबारी स्तर आधारित व्यापार करें : श्रीकांत चौहान, कोटक सिक्योरिटीज

कोटक सिक्योरिटीज (Kotak Securities) में इक्विटी रिसर्च के प्रमुख श्रीकांत चौहान के मुताबिक मंगलवार को बेंचमार्क सूचकांक में सुस्त गतिविध के बीच निफ्टी 6 अंक नीचे, जबकि सेंसेक्स 148 अंकों की बढ़त के साथ बंद हुए। 

क्षेत्रों में, मीडिया और चुनिंदा स्टॉक में कुछ खरीदारी देखने को मिली, जबकि धातु और रियल्टी सूचकांकों में तीव्र करेक्शन आया और इनमें 1% का नुकसान दर्ज किया गया। तकनीकी तौर से एक धीमी शुरुआत के बाद बाजार में पूरे दिन सीमित दायरे में गतिविधि देखने को मिली। 

इसके अलावा, दैनिक चार्ट पर इसने छोटी कैंडल बनायी है और एकदिनी चार्ट पर गैर दिशात्मक गतिविध देखने को मिल रही है। हमारा मानना है कि बाजार की मौजूदा संरचना गैर-दिशात्मक है, कारोबारी संभवत: किसी भी तरफ ब्रेकआउट का इंतजार कर रहे हैं। 

ऊपर की तरफ 22600/74800 का स्तर तेजड़ियों के लिए तीव्र ब्रेकआउट हो सकता है। इसके ऊपर बाजार 22700-22800/75000-75350 के स्तर तक बढ़ सकते हैं। इसके विपरीत 22500/74500 के नीचे बिकवाली का दबाव बढ़ने की आशंका है। 

इस स्तर के नीचे बाजार 22400-22350/74200-74000 के स्तर तक फिसल सकते हैं। मौजूदा बाजार की गैर-दिशात्मक बनावट को देखते हुए दैनिक कारोबारियों के लिए स्तर आधारित व्यापार आदर्श रणनीति हो सकती है।

(शेयर मंथन, 27 फरवरी 2025)

(आप भी किसी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख