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आर्थिक उठापटक से कच्चे तेल की कीमतों पर रह सकता है दबाव - एसएमसी

कच्चे तेल की कीमतों के बढ़त के साथ खुलने की संभावना है।
ओपेक द्वारा तेल उत्पादन में कटौती जारी रहने और बेहतर माँग के कारण कीमतों में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन आर्थिक उठापटक से कीमतों पर दबाव रह सकता है। अगले पाँच वर्षो तक अमेरिकी तेल उत्पादन में बढ़ोतरी होने की संभावना है और कुल उत्पादन में 40 लाख बैरल प्रति दिन की अतिरिक्त बढ़ोतरी करेगा। अमेरिकी ऊर्जा विभाग के अनुसार अमेरिकी कच्चे तेल का उत्पादन 2024 तक लगभग 28 लाख बैरल की बढ़ोतरी के साथ 1.37 करोड़ बैरल प्रति दिन हो जायेगा।
अमेरिका पहले ही तेल का सबसे बड़ा उत्पादक बन गया है। तेल की कीमतों को तेजी प्रदान करने के लिए ओपेक और रूस सहित कुछ गैर-ओपेक देश तेल उत्पादन में 12 लाख बैरल प्रति दिन की कटौती कर रहे हैं।
नेचुरल गैस वायदा की कीमतों के सीमित दायरे में रहने की संभावना है। गैस की कीमतों को 192 रुपये के स्तर पर सहारा मिल सकता है और 196 रुपये पर बाधा रह सकती है। अमेरिका के अधिकांश इलाकों में सामान्य तापमान के बाद गैस की कम माँग होने के कारण हाल ही में नेचुरल गैस वायदा की कीमतों में दो हफ्ते के निचले स्तर पर गिरावट दर्ज की गयी है। (शेयर मंथन, 12 मार्च 2019)

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