शेयर मंथन में खोजें

शेयरों पर नजर (Stocks To Watch) : पावर ग्रिड, टाटा मोटर्स, जिंदल स्टील, दिलीप बिल्डकॉन और बैंक ऑफ इंडिया

खबरों के कारण जो शेयर शुक्रवार के कारोबार में नजर में रहेंगे उनमें पावर ग्रिड, टाटा मोटर्स, जिंदल स्टील, दिलीप बिल्डकॉन और बैंक ऑफ इंडिया शामिल हैं।

पावर ग्रिड - कंपनी 3 परियोजनाओं में 429.2 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।
टाटा मोटर्स - निदेशक मंडल ने टीएमएल ड्राइवलाइंस के कंपनी के साथ विलय को मंजूरी दी।
सैटिन क्रेडिटकेयर - 35 करोड़ रुपये के डिबेंचरों के आवंटन को मंजूरी दी।
सेंचुरी प्लाई - कंपनी की नयी इकाई पूर्वांचल टिम्बर में व्यापारिक उत्पादन शुरू।
विपुल ऑर्गेनिक्स - कंपनी ने 7.9 लाख शेयर आवंटित किये।
आईआरबी इन्फ्रा - निदेशक मंडल ने इकाई में बाकी 34% हिस्सेदारी के अधग्रहण को मंजूरी दी।
दिलीप बिल्डकॉन - कंपनी को मध्य प्रदेश परियोजना के लिए समापन प्रमाण पत्र मिला।
बैंक ऑफ इंडिया - शेयरधारकों ने एलआईसी को शेयर जारी करने की मंजूरी।
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया - क्रिसिल ने बैंक की रेटिंग एए- से ए+ और ए+ से ए- कर दी।
जिंदल स्टील - निदेशक मंडल ने 4.8 करोड़ वारंट जारी करना प्रस्ताव मान्य किया। (शेयर मंथन, 31 मार्च 2017)

Comments 

शेयर मंथन
0 # शेयर मंथन 2017-03-31 10:03
शुक्रवार 31 मार्च को सुबह के कारोबार में
पावर ग्रिड में 0.54% की मजबूती है
सैटिन क्रेडिटकेयर 1% ऊपर है
आईआरबी इन्फ्रा में 0.61% की बढ़त
दिलीप बिल्डकॉन 0.30% ऊपर
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में 0.48% की मजबूती
जिंदल स्टील में 3.11% की जोरदार बढ़त
Reply | Report to administrator

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख