भारत के दूसरे सबसे बड़े प्राइवेट सेक्टर के लेंडर, आईसीआईसीआई बैंक ने शनिवार, 18 अप्रैल को 2025-26 में खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए जनवरी से मार्च तिमाही (Q4) के नतीजे घोषित किये।
स्टैंडअलोन फाइनेंशियल स्टेटमेंट के अनुसार, बैंक ने अपनी Q4 नेट प्रॉफिट में 8% से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की, जो पिछले साल इसी अवधि के 12,629 करोड़ रुपये के मुकाबले बढ़कर 13,701 करोड़ रुपये हो गयी। आईसीआईसीआई बैंक की चौथी तिमाही की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) साल-दर-साल (YoY) आधार पर 1.99% बढ़कर 43,275 करोड़ रुपये हो गयी, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 42,430 करोड़ रुपये थी। वहीं, बैंक का मार्च तिमाही में अर्निंग्स पर शेयर (EPS) बढ़कर 19.15 हो गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह 17.87 था।
हालाँकि बैंक के रिटेल बैंकिंग सेगमेंट में मामूली गिरावट देखी गयी और यह 40,617 करोड़ रुपये से घटकर 40,608 करोड़ रुपये रह गया, लेकिन होलसेल बैंकिंग सेगमेंट ने इस तिमाही में रेवेन्यू में बढ़त को बढ़ावा दिया। मार्च तिमाही में यह 7.3% बढ़कर 23,115 करोड़ रुपये हो गया, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह 21,536 करोड़ रुपये था।
फाइलिंग के अनुसार, आईसीआईसीआई बैंक के नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) वित्त वर्ष 2025-26 की मार्च तिमाही के अंत तक 27 बेसिस पॉइंट घटकर 1.40% रह गए, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह 1.67% थे। डेटा से यह भी पता चला कि इस प्राइवेट लेंडर के बैड डेट (खराब कर्ज) के लिए प्रोविजनिंग में चौथी तिमाही में 89% की गिरावट आई और यह 96.16 करोड़ रुपये रह गयी। पिछले वित्त वर्ष में यह 890.70 करोड़ रुपये थी।
आईसीआईसीआई बैंक के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने शनिवार को हुई अपनी तिमाही बैठक में घोषणा की कि कंपनी ने शेयरहोल्डर्स की मंजूरी के अधीन, 2 रुपये प्रति शेयर की फेस वैल्यू पर 12 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड देने की सिफारिश की है।
- कुल आय 50,584 करोड़ रुपये रही, जबकि पिछले साल यह 49,691 करोड़ रुपये थी। इसमें सालाना आधार पर 2% और तिमाही आधार पर 3% की बढ़ोतरी हुई।
- ब्याज आय 43,275 करोड़ रुपये रही, जबकि पिछले साल यह 42,431 करोड़ रुपये थी। इसमें सालाना आधार पर 2% और तिमाही आधार पर 3% की बढ़ोतरी हुई।
- ब्याज खर्च 20,296 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल यह 21,238 करोड़ रुपये था। इसमें सालाना आधार पर 4% की कमी आई, जबकि तिमाही आधार पर 1% की बढ़ोतरी हुई।
- शुद्ध ब्याज आय 22,979 करोड़ रुपये रही, जबकि पिछले साल यह 21,193 करोड़ रुपये थी। इसमें सालाना आधार पर 8% और तिमाही आधार पर 5% की बढ़ोतरी हुई।
- टैक्स के बाद का मुनाफा 13,702 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल यह 12,630 करोड़ रुपये था। इसमें सालाना आधार पर 8% और तिमाही आधार पर 21% की बढ़ोतरी हुई।
(शेयर मंथन, 18 अप्रैल 2026)