थम सकती है कच्चे तेल की कीमतों में बढ़त - एसएमसी

कच्चे तेल की कीमतों के सीमित दायरे में रहने की संभावना है।
चीन और अमेरिका के बीच व्यापार को लेकर गतिरोध के बरकरार रहने के बाद वैश्विक आर्थिक वृद्धि में धीमेपन की आशंका के कारण तेल की कीमतों की बढ़त पर रोक लग सकती है। अमेरिका द्वारा चीन के 200 अरब डॉलर के उत्पादों पर टैरिफ 10% से बढ़ा कर 25% करने के जवाब में चीन ने 1 जून से अमेरिका के 60 अरब डॉलर के उत्पादों पर टैरिफ लगाये जाने की घोषणा की है।
दूसरी ओर सऊदी अरब ने कहा है कि उसके दो तेल टैंकरों पर हमला हुआ है। कच्चे तेल की कीमतों में 4,350 रुपये पर बाधा के साथ 4,280 रुपये के स्तर पर सहारा रहने की संभावना है। ओपेक और रूस द्वारा इस वर्ष के प्रारंभ से तेल उत्पादन में कटौती और ईरान एवं वेनेजुएला पर अमेरिकी प्रतिबंध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में 30% से अधिक की बढ़ोतरी हुई थी।
नेचुरल गैस वायदा की कीमतों के 185-189 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है। लिक्विफाइड नेचुरल गैस के निर्यात के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँचने और अगले हफ्ते में अधिक माँग की संभावना से अमेरिकी नेचुरल गैस वायदा की कीमतों में चार हफ्ते के उच्च स्तर पर बढ़त दर्ज की गयी। (शेयर मंथन, 14 मई 2019)

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