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चालू वर्ष में कुल खाद्यान्न उत्पादन बढ़ने का अनुमान

कमजोर मानसून वर्षा के कारण खरीफ उत्पादन में कमी और जलाशयों में पानी की कमी और अपेक्षाकृत कम सर्दी के कारण रबी उत्पादन में कमी आने के बावजूद दूसरे अग्रिम अनुमानों के अनुसार देश में 2015-16 में देश में कुल खाद्यान्न उत्पादन पिछले साल के मुकाबले ज्यादा है।

सरसों तेल के दाम ने लगाया महँगाई में पलीता

दीपक कुमार

आम आदमी को न रोते बन रहा है, न हँसते। वो मदारी का बंदर बन गया है जो महँगाई रूपी डुगडुगी पर नाचने के लिए मजबूर है। अभी प्याज और दाल की कीमतें गिरी भी नहीं थीं कि खाद्य तेलों ने महँगाई में पलीता लगा दिया।

हल्दी में हल्की तेजी की संभावना : एसएमसी

आगामी दिनों में स्टॉकिस्ट और निर्यात माँग में बढ़ने के कारण मंडियों में हल्दी 8055-8310 रुपये के दायरे में कारोबार कर सकती है।

जीरे की कीमतों में तेजी की संभावना

पिछले दिन की तेजी के बाद बुधवार को जीरा में ऊपरी मूल्य स्तरों पर मुनाफा वसूली देखने को मिली।

चने में तेजी की संभावना : रेलिगेयर

बाजार धारणा में मजबूती का रुझान बने रहने के कारण बुधवार को चने के ऊपरी भावों पर मुनाफा वसूली देखने को मिली। त्यौहारी सीजन के बीच दालों की घरेलू माँग में उछाल आने से चने में तेजी बनी हुई है क्योंकि वर्तमान में मंडियों में स्टॉक कमजोर बताया जा रहा है।

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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