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जीरे की कीमतों को मिल सकता है समर्थन: रेलिगेयर

अच्छी निर्यात माँग के अभाव में बीते शुक्रवार को जीरा वायदा अनुबन्ध में भी कोई विशेष कारोबारी गतिविधि देखने को नहीं मिल सकी। व्यापारी आने वाले दिनों में जीरे की माँग में सुधार की संभावना व्यक्त कर रहे हैं। जिससे बाजार धारणा को समर्थन मिल रहा है।

चने की कीमतों में रहेगी सीमित तेजी : रेलिगेयर

दालों के ज्यादा से ज्यादा आयात और अन्य माध्यमों के जरिए कीमतों को नियंत्रित किये जाने के सरकारी प्रयासों के बावजूद पिछले सप्ताह चना में सीमित तेजी देखने को मिली।

इलायची की कीमतों में तेजी का रूझान

इलायची के आवक में कमी के चलते इलायची की हाजिर कीमतों में तेजी का रूझान है।

जीरे की कीमतों को मिल सकता है समर्थन

जीरा उत्पादक मुख्य राज्यों में कम बारिश के चलते मंडियों में जीरे की स्टॉक में कमी आयी है जिस कारण जीरे की कीमतों पर दबाव बना हुआ है।

हल्दी की कीमतें दबाव की स्थिति में

हल्दी की माँग कमजोर बनी रहने के कारण फिलहाल इसकी कीमतों में कोई तेजी देखने को नहीं मिल रही है।

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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