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कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के संकेत - एसएमसी

कच्चे तेल की कीमतों के नरमी के रुझान के साथ कारोबार करने की संभावना हैं और कीमतों को 3,150 रुपये के स्तर पर बाधा के साथ 3,040 रुपये के स्तर पर सहारा रह सकता है।

बेस मेटल में मिले-जुले रुझान की संभावना - एसएमसी

बेस मेटल की कीमतों पर बिकवाली का दबाव रहने की संभावना हैं। तांबे की कीमतें 545 रुपये के स्तर पर अड़चन के साथ 538 रुपये के स्तर पर पहुँच सकती है।

कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के संकेत - एसएमसी

कच्चे तेल की कीमतों के तेजी के रुझान के साथ कारोबार करने की संभावना हैं और कीमतों को 3,160 रुपये के स्तर पर बाधा के साथ 3,040 रुपये के स्तर पर सहारा रह सकता है।

बेस मेटल में तेजी रुझान के साथ उच्च स्तर पर मुनाफा वसूली की संभावना - एसएमसी

बेस मेटल की कीमतों के तेजी के रुझान के साथ सीमित दायरे में कारोबार करने की संभावना हैं जबकि उच्च स्तर पर मुनाफा वसूली की जा सकती है।

डब्ल्यूटीआई और ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतों में मुनाफा वसूली की संभावना - एसएमसी साप्ताहिक रिपोर्ट

वायरस को रोकने के लिए नये लॉकडाउन से ईंधन की माँग में गिरावट को लेकर कोविड-19 वैक्सीन की संभावना से कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गयी हैं और दवा निर्माता फाइजर और बायोटक द्वारा प्रयोगात्मक कोविउ-19 के उपचार के लिए प्रारंभिक परीक्षण के आधार पर 90% से अधिक प्रभावी पाये जाने के बाद डब्ल्यूटीआई और ब्रेंट कॉन्ट्रैक्ट दोनों की कीमतों ने सोमवार को 8% से अधिक की छलांग लगायी, जो पाँच महीने से अधिक समय में एक दिन में सबसे अधिक बढ़त दर्ज की गयी।

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  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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