चना वायदा (अगस्त) की कीमतों में तेजी बरकरार रह सकती है।
कॉटन वायदा (फरवरी) की कीमतें 21,300-21,250 रुपये के पास सहारा के साथ सीमित कारोबार कर सकती है।
कॉटन वायदा (अक्टूबर) की कीमतों के तेजी के रुझान के साथ 18,700-18,800 रुपये के स्तर पर पहुँच जाने की संभावना है।
कॉटन वायदा (अक्टूबर) की कीमतों के तेजी के रुझान के साथ 19,000-19,100 रुपये के स्तर पर पहुँच जाने की संभावना है।
कॉटन वायदा (अक्टूबर) की कीमतों के तेजी के रुझान के साथ 18,700-19,000 रुपये के स्तर पर पहुँच जाने की संभावना है।
कमोडिटीज बाजार में तेज गिरावट के बावजूद एमसीएक्स में कॉटन वायदा (अक्टूबर) की कीमतों में तेजी का रुझान बना हुआ है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार से नरमी के रुझान पर कॉटन वायदा (अप्रैल) की कीमतें 20,800 रुपये तक गिरावट दर्ज कर सकती है।
कॉटन वायदा (दिसंबर) की कीमतों के 19,500-20,500 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है और कीमतों की बढ़त पर रोक लगी रह सकती है क्योंकि हाजिर बाजारों में आपूर्ति तेज होने लगी है।
कॉटन वायदा (नवम्बर) की कीमतों के 19,850-20,100 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
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हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए।
भारत के म्यूचुअल फंड उद्योग ने बीते 5 वर्षों में अद्भुत वृद्धि दिखायी है। इसके साथ ही, इस तेजी से फैलते उद्योग का हिस्सा बनने के लिए एक दर्जन से ज्यादा नये म्यूचुअल फंड घराने मैदान में कूद चुके हैं।