शेयर मंथन में खोजें

चने और कपास में नरमी का रुझान - एसएमसी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में मंदी के कारण कपास वायदा (अप्रैल) की कीमतों के नरमी के रुझान के साथ 880-895 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
तेल की कीमतों और शेयर बाजारों में गिरावट के कारण आईसीई में कॉटन वायदा की कीमतें 0.53% गिर कर 82.15 सेंट के स्तर पर पहुँच गयी है। ग्वारगसीड वायदा (अप्रैल) की कीमतें 4,260 रुपये से नीचे ही रह सकती हैं। विदेशी बाजारों से ग्वारगम की कमजोर माँग के कारण पेराई के लिए ग्वारसीड की माँग कम हो रही है और खरीदार थोक खरीदारी नही करना चाहते हैं। बाजारों में ग्वारसीड का स्टॉक भी काफी अधिक है। ग्वारगम के निर्यात माँग में तेजी आने पर ही कीमतों में तेजी दर्ज की जा सकती है।
चना वायदा (अप्रैल) की कीमतों में नरमी का रुझान बरकरार रहने की संभावना है और कीमतें 3,720 रुपये से नीचे ही रह सकती है। विश्व बाजारो में दालों की कम कीमतों के कारण भारत सरकार द्वारा बंगाल चना या देशी चना के निर्यात पर शुल्क में 7% के प्रोत्साहन के कारण निर्यात में बढ़ोतरी की संभावना नही हैं। मिलों की ओर से कमजोर माँग के कारण मूँग को छोड़ कर अधिकांश दालों की कीमतों में नरमी का रुझान है। कॉटन ऑयल सीड केक वायदा (अप्रैल) की कीमतों को 1,400 के स्तर पर सहारा रहने की संभावना है। बेंचमार्क कड़ी और अकोला बाजार में कॉटन ऑयल सीड केक की कीमतें 1,400 रुपये प्रति 100 किलो ग्राम पर स्थिर हैं। (शेयर मंथन, 23 मार्च 2018)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख