कम आवक और निर्यात माँग बेहतर रहने के कारण हल्दी वायदा (अप्रैल) की कीमतों में कल 4% की उछाल दर्ज की गयी है।
जीरा वायदा (मई) की कीमतों में 15,220 के स्तर पर सहारे के साथ 16,000-16,300 रुपये तक तेजी बरकरार रहने की संभावना है।
हल्दी वायदा (सितम्बर) की कीमतों के 5,800-5,950 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
हल्दी वायदा (दिसंबर) की कीमतों के 5,650-5,750 रुपये के दायरे में स्थिर रहने की संभावना है।
हल्दी वायदा (नवम्बर) की कीमतों के 5,950-6,030 रुपये के दायरे में सीमित कारोबार करने की संभावना है।
बाजारों में नयी सीजन की आवक के बीच बढ़ती बिकवाली के कारण हल्दी वायदा (अप्रैल) की कीमतें कल 2% की गिरावट के साथ बंद हुई और कीमतों के नरती के रुझान के साथ 9,360-9,890 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
नयी खरीदारी के कारण हल्दी वायदा (दिसम्बर) की कीमतों में कल 0.8% की बढ़ोतरी हुई है और अब 7,500 रुपये के स्तर पर सहारा के साथ 7,750 रुपये तक बढ़ोतरी होने की संभावना है।
हाजिर बाजारों में कमजोर माँग के कारण हल्दी वायदा (दिसंबर) की कीमतें कल 1.7% की गिरावट के साथ बंद हुई है और अब कीमतें 7,350 रुपये के स्तर पर सहारा और 7,500 रुपये के स्तर पर बाधा के साथ एक दायरे में कारोबार कर सकती है।
कम आवक और निर्यात माँग बेहतर रहने के कारण हल्दी वायदा (अप्रैल) की कीमतों में कल 1.3% की बढ़त दर्ज की गयी है।
हल्दी वायदा (जून) की कीमतों में 8,000-8,100 रुपये के पास बाधा के साथ 7,700-7,500 रुपये तक गिरावट देखी जा सकती है।
हल्दी वायदा (मई) की कीमतों के नरमी के रुझान के साथ कारोबार करने की संभावना है और यदि कीमतें 7,880 रुपये से नीचे टूटती है तो 7,700 रुपये तक गिरावट हो सकती है।
हल्दी वायदा (दिसंबर) की कीमतें 5 सप्ताह के निचले स्तर तक लुढ़क गयी है और कम कीमतों पर अच्छी माँग के कारण पिछले सप्ताह इसमें सुधार हुआ।
हल्दी वायदा (अगस्त) की कीमतों को 7,000-6,950 रुपये के स्तर पर सहारा रहने की संभावना है।
बिकवाली के कारण हल्दी वायदा (नवंबर) की कीमतों में शुक्रवार को 1.8% की गिरावट हुई है और अब 7,440 रुपये के स्तर पर बाधा के साथ 7,150 रुपये तक गिरावट होने की संभावना है।
कारोबारियों की ओर से नयी खरीदारी के कारण हल्दी वायदा (नवंबर) की कीमतों में कल 1% की बढ़त दर्ज की गयी।
हल्दी वायदा (अप्रैल) की कीमतों के सीमित गिरावट के साथ 5,650-5,730 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है क्योंकि बड़े कैरीओवर स्टॉक और स्थिर आपूर्ति के बावजूद माँग बरकरार है।
हल्दी वायदा (सितम्बर) की कीमतों के 5,720-5,850 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
हल्दी वायदा (अप्रैल) की कीमतों को 5,720 रुपये के स्तर पर सहारा रहने की संभावना है।
हल्दी वायदा (जून) की कीमतों के 7,700-7,900 रुपये के दायरे में सीमित कारोबार करने की संभावना है।
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हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए।
भारत के म्यूचुअल फंड उद्योग ने बीते 5 वर्षों में अद्भुत वृद्धि दिखायी है। इसके साथ ही, इस तेजी से फैलते उद्योग का हिस्सा बनने के लिए एक दर्जन से ज्यादा नये म्यूचुअल फंड घराने मैदान में कूद चुके हैं।