नितिन तिवारी, मुरादाबाद : मेरे पास बीएसई इंडिया के 25 शेयर 548 रुपये के भाव पर हैं (BSE India Share Analysis)। क्या इसी भाव के आसपास और 25 शेयर खरीद लूँ? मेरा नजरिया दो से तीन माह का है।
कुंतल देनरे : बीएसई 2000 रुपये के स्तर तब जा सकता है क्या? लंबी अवधि में आपका नजरिया कैसा है?
संदीप कुमार शुकला : मेरे पास बीएसई के 37 शेयर 556 रुपये के भाव पर हैं, लंबी अवधि का नजरिया है। इसमें क्या करना चाहिए?
कुंतल देनरे : बीएसई के स्टॉक का 3000 रुपये के स्तर का सफर शुरू हो गया है क्या?
राजेश गुप्ता : बीएसई पर आपका नजरिया क्या है?
राम लाल मंडल : बीएसई पर आपकी सलाह क्या है?
रमेश केवडिया : बीएसई के स्टॉक में अभी खरीद कर सकते हैं क्या? 1-2 साल तक के लिए होल्ड करने का इरादा है।
कुंतल देनरे : मेरे पास बीएसई के 200 शेयर 420 रुपये के भाव पर हैं, नजरिया लंबी अवधि का है। उचित मार्गदर्शन करें।
प्रभात : बीएसई के शेयर का भाव काफी गिर गया है। लंबी अवधि के नजरिये से इसमें नयी खरीद कर सकते हैं क्या?
प्रभात : बीएसई का स्टॉक 2500 रुपये का स्तर पार कर चुका है। अब इसमें लंबी अवधि के लिए नयी खरीद कर सकते हैं क्या? आपने 2500 रुपये का स्तर पार करने के बाद आँकने को कहा था।
व्रती सानू : एनएसई में नियामकीय बदलाव के बाद बीएसई के मूल्य में जो सुधार आया है उसे देखते हुए लंबी अवधि के लिए इस स्टॉक को किस स्तर पर खरीदना चाहिए?
अंजू : बीएसई और केपीआईटी टेक्नोलॉजीज पर आपकी क्या राय है? दोनों स्टॉक मेरे पोर्टफोलियो का हिस्सा हैं।
निपुन : बीएसई में 10 साल के लिए पैसे लगा सकते हैं?
आफताब अहमद : लंबी अवधि के नजरिये से एनएसई (गैरसूचिबद्ध) ठीक रहेगा या बीएसई?
मोना बत्रा : बीएसई को लंबी अवधि के लिए किस भाव पर औसत करना चाहिए? मेरे पास ये स्टॉक 5100 रुपये के भाव पर पहले से है।
मृणाल कांति सुक्लबैद्य : मेरे पास बीएसई के 35 शेयर हैं 1215 रुपये के भाव पर, मैं इसे 3 साल तक होल्ड कर सकता हूँ। इस पर आपका क्या नजरिया है?
विनोद माने : मेरे पास बीएसई के 20 शेयर 2270 रुपये के भाव पर हैं, 23 जुलाई को खरीदे थे। इसमें आगे क्या करें?
Expert Shomesh Kumar: यह क्षेत्र करेक्शन के लिए पूरी तरह से तैयार है। मेरे हिसाब से इसमें सभी सकारात्मक पहलू पहले से ही समाहित हैं। इसमें 26000 के स्तर तक करेक्शन होना चाहिए। ये क्षेत्र अभी कुछ समय के लिए कंसोलिडेट कर सकता है।
मंगलवार, 23 जुलाई 2024 को पूर्ण बजट पेश होने के बाद बाजार की कुछ आशंकाएँ सही साबित हुईं और कैपिटल गेन एवं एसटीटी में बाजार पर अतिरिक्त बोझ लादा गया है। क्या केवल इन्हीं वजहों से बजट के बाद बाजार फिसला है?
Expert Shomesh Kumar: सरकार निजी क्षेत्र का कैपेक्स बढ़ाना चाहती है। तात्पर्य ये है कि सरकार ने पिछले 7-8 साल में तकरीबन 8% सीएजीआर पूँजीगत व्यय किया है। इस दौरान निजी क्षेत्र का कैपिटल एक्पेंडीचर 7% से कम सीएजीआर रहा।
Page 32 of 447
आयकर अधिनियम (इनकम टैक्स ऐक्ट), 1961 की जगह आयकर अधिनियम 2025 ने ले ली है। इस नये कानून के नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू हैं।
मार्च के शुरुआती 3 सप्ताहों में भारतीय शेयर बाजार 8% से ज्यादा टूट चुका है। और यह गिरावट एक ऐसे युद्ध के चलते आयी है, जिसमें हमारा कोई लेना-देना नहीं है।