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क्या सोना की कीमतों में उतार-चढ़ाव से कमाई का नया रास्ता खुलेगा?

वैश्विक अनिश्चितता और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच सोना एक बार फिर निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

जब सोने का स्तर लगभग 3200 के आसपास था, तब केंद्रीय बैंकों की बढ़ती चिंता और अनिश्चितता के कारण इसमें तेजी की संभावना बन रही थी। बीते 10 से 12 महीनों में सोने ने शानदार प्रदर्शन किया है, जो इस बात का संकेत है कि बड़े संस्थागत निवेशक और देश इसे सुरक्षित निवेश (safe haven) के रूप में देख रहे हैं। यही कारण है कि पोलैंड जैसे देशों ने हाल के दिनों में भारी मात्रा में सोना खरीदा है, जबकि रूस जैसे कुछ देशों ने सीमित मात्रा में बिक्री भी की है। इससे यह साफ होता है कि वैश्विक स्तर पर गोल्ड मार्केट में गतिविधि काफी तेज है।

मौजूदा परिस्थितियों में सोने को लेकर रणनीति थोड़ी बदलने की जरूरत है। अब यह केवल “खरीदकर बैठ जाने” वाला निवेश नहीं रह गया है, बल्कि इसमें एक बड़े दायरे में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले समय में सोना एक रेंज में ट्रेड कर सकता है, जहां नीचे के स्तरों पर खरीदारी और ऊपर के स्तरों पर मुनाफावसूली की रणनीति अपनाना फायदेमंद हो सकता है। खास बात यह है कि तेल संकट या आर्थिक दबाव के कारण कुछ देश अपने गोल्ड रिजर्व बेच सकते हैं, जिससे कीमतों में अस्थायी गिरावट आ सकती है। लेकिन यही गिरावट समझदार निवेशकों के लिए खरीदारी का अच्छा मौका बन सकती है।

लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए सलाह यह है कि वे अपने पहले से किए गए निवेश को बिना छेड़छाड़ के बनाए रखें, क्योंकि सोना लंबे समय में स्थिरता और सुरक्षा प्रदान करता है। वहीं, जो नए निवेश या ट्रेड करना चाहते हैं, वे इस उतार-चढ़ाव का फायदा उठा सकते हैं। कुल मिलाकर, आने वाले एक साल में सोने में अच्छी-खासी वोलैटिलिटी रहने की संभावना है, और यही वोलैटिलिटी निवेश के अवसर भी पैदा करेगी।

 



(शेयर मंथन, 14 अप्रैल 2026) (आप किसी भी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)

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