सोने-चांदी की कीमत में कैसे होगी ट्रेडिंग? आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि सोने और चांदी की कीमतों में आगे क्या होगा?
कमोडिटी बाजार में इस समय जो हलचल दिख रही है, वह असाधारण है। सोने और चांदी दोनों ने नई ऊंचाइयों को छू लिया है।
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में उतार–चढ़ाव के बीच सोना–चांदी ने एक बार फिर मजबूती दिखानी शुरू कर दी है।
डॉलर के कमजोर होने से सर्राफा की कीमतों के सपाट रहने की संभावना है।
सोने और शेयर बाजार की तुलना अक्सर की जाती है। शेयर बाजार में हजारों कंपनियां और हजार से अधिक अवसर मौजूद होते हैं, जबकि सोना सिर्फ एक ही एसेट क्लास है और उसमें भी एक ही रूप – बुलियन। इसमें कोई अलग-अलग कंपनियों जैसा विकल्प नहीं होता। इसलिए इसे पोर्टफोलियो का केवल एक हिस्सा मानना चाहिए। सामान्यतः 5 से 8 प्रतिशत तक सोने को अपने निवेश पोर्टफोलियो में शामिल करना ठीक रहता है। जानें विश्लेषक से सोने में निवेश करने का सही समय?
आईसीआईसीआई डायरेक्ट की मानें तो सोने की कीमत में तेजी का क्रम जारी रह सकता है। ब्रोकिंग कंपनी ने सोने की कीमत से संबंधित अपने लक्ष्य को संशोधित किया है।
निवेशकों को सोने और चांदी को लेकर क्या करना चाहिए? आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि सोने और चाँदी के भाव में आगे क्या होने की संभावना है?
सोने की कीमतें इस समय नए रिकॉर्ड स्तर पर हैं। एमसीएक्स पर गोल्ड ने नया हाई बना लिया है और भले ही डॉलर में अभी ऑल-टाइम हाई न दिखे, लेकिन रुपये में सोना रिकॉर्ड पर पहुंच चुका है। ऐसे में बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानें निवेशकों को आगे क्या करना चाहिए?
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल यानी (डब्ल्यूजीसी) के मुताबिक चौथी तिमाही में भारत में सोने की मांग में 18 फीसदी की गिरावट देखी गई है। चौथी तिमाही में सोने की मांग 18 फीसदी घटकर 135.5 टन रही। जहां तक नेट बुलियन इंपोर्ट का सवाल है तो वह 314 टन से घटकर 132 टन रहा। ज्वेलरी के लिए सोने की मांग 26 फीसदी घटकर 94.2 टन रही।
वर्तमान वैश्विक माहौल को देखें तो इकोनॉमीज और सेंट्रल बैंक तेजी से मेटल्स को अपने पोर्टफोलियो में शामिल कर रहे हैं। कमोडिटी विशेषज्ञ अनुज गुप्ता से जानें सोना में निवेश अभी मौका है या जोखिम?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतें पिछले कुछ दिनों से एक सीमित दायरे में घूम रही हैं। निवेशकों को गोल्ड और सिल्वर में क्या करना चाहिए?
अक्सर बाजार में ऐसा होता है कि जब कोई एसेट तेजी से चल जाता है, तो लोगों को यह एहसास होता है कि काश हमने पहले निवेश किया होता। इन दिनों चांदी ठीक उसी दौर से गुजर रही है।
सोने और चांदी की कीमतों में आगे क्या होने वाला है? आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि आगे क्या होने की संभावना है?
सोने और चांदी के बाजार में पिछले कुछ दिनों की तेजी के बाद अब हल्की सुस्ती देखने को मिल रही है। हालांकि बड़े स्तर पर ट्रेंड अभी भी पॉजिटिव माना जा रहा है, लेकिन निकट अवधि में कीमतों में सीमित दायरे की चाल बन सकती है।
एसएमसी कमोडिटीज ने आज अपनी दैनिक रिपोर्ट में कहा है कि इस हफ्ते अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक से सर्राफा कीमतों को नयी दिशा मिल सकती है।
एसएमसी कमोडिटीज (SMC Commodities) का मानना है कि छोटी अवधि में सोना (Gold) और चांदी (Silver) के कारोबार में मंद रुझान रहेगा।
कमोडिटी बाजार में इस समय जो तस्वीर सामने आ रही है, वह ऐतिहासिक कही जा सकती है। एक तरफ सोना लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है और एमसीएक्स पर 1.5 लाख रुपये के पार निकल चुका है, वहीं दूसरी तरफ चाँदी ने भी निवेशकों को चौंका दिया है।
सोने और चाँदी की मौजूदा चाल को लेकर बाजार में जितनी तेजी दिख रही है, उतना ही बड़ा जोखिम भी छिपा हुआ है।
सोने की कीमतों को 31,850 रुपये के करीब बाधा और 31,600 रुपये के आस-पास सहारा रह सकता है।
सोना और चांदी की कीमतों में क्या होने वाला है, निवेशकों को क्या करना चाहिए? ट्रेड स्क्रिप्ट ब्रोकिंग के निदेशक संदीप जैन से सोने और चांदी की कीमत में आगे क्या होने वाला है?
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भारत के म्यूचुअल फंड उद्योग ने बीते 5 वर्षों में अद्भुत वृद्धि दिखायी है। इसके साथ ही, इस तेजी से फैलते उद्योग का हिस्सा बनने के लिए एक दर्जन से ज्यादा नये म्यूचुअल फंड घराने मैदान में कूद चुके हैं।
एआई बबल (AI Bubble) – यानी कृत्रिम मेधा (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस या एआई) पर केंद्रित शेयरों में बुलबुला – इस मुद्दे पर सारी दुनिया में बहस चल रही है और भारत में एआई की ज्यादा कहानियाँ नहीं होने के बाद भी भारत का इस मुद्दे से बहुत लेना-देना है।