शेयर मंथन में खोजें

टीसीएस के शेयरधारकों को क्या करना चाहिए? संदीप जैन ने दी होल्ड की सलाह

आईटी सेक्टर की सुस्ती के बीच एक निवेशक ने टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) को लेकर सवाल किया। निवेशक ने बताया कि उनके पास TCS के 1,000 शेयर हैं, जिन्हें उन्होंने करीब 2,060 रुपये के भाव पर खरीदा था।

ऐसे में उनका सवाल था कि मौजूदा स्थिति में शेयर को होल्ड करें या बेच दें। इस पर बाजार विशेषज्ञ संदीप जैन ने कहा कि मौजूदा स्तरों पर घबराकर शेयर बेचने की जरूरत नहीं है। उनके अनुसार, TCS जैसी मजबूत कंपनी में लंबी अवधि का नजरिया बनाए रखना बेहतर रहेगा। उन्होंने कहा कि आईटी सेक्टर फिलहाल दबाव में जरूर है, लेकिन इसका बड़ा हिस्सा शेयर की कीमत में पहले ही शामिल हो चुका है।

संदीप जैन ने बताया कि मौजूदा वैल्यूएशन के हिसाब से TCS लगभग 14 के प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) मल्टीपल पर कारोबार कर रहा है, जो एक गुणवत्ता वाली आईटी कंपनी के लिए आकर्षक माना जा सकता है। इसके अलावा कंपनी का रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (ROCE) करीब 63% है, जो इसके मजबूत बिजनेस मॉडल और पूंजी के कुशल उपयोग को दर्शाता है।

उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल आईटी सेक्टर निवेशकों की पहली पसंद नहीं है, इसलिए शेयर में तेजी आने में समय लग सकता है। हालांकि, उनके मुताबिक मौजूदा स्तरों से TCS में गिरावट का जोखिम सीमित दिखाई देता है, जबकि लंबी अवधि में सुधार की संभावना बनी हुई है।

विशेषज्ञ की राय में जिन निवेशकों के पास पहले से TCS के शेयर हैं, उन्हें फिलहाल होल्ड की रणनीति अपनानी चाहिए। उनका मानना है कि मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनी होने के कारण धैर्य रखने वाले निवेशकों को आगे चलकर इसका फायदा मिल सकता है।


(शेयर मंथन, 30 जून 2026)

(आप किसी भी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • 2025-26 के सर्वश्रेष्ठ फंड - निवेश मंथन (मई 2026)

    पिछले दो वित्त-वर्ष शेयर बाजार और उसके साथ ही इक्विटी केंद्रित म्यूचुअल फंडों के लिए भी आशा-निराशा के बीच झूलते रहने वाले साबित हुए हैं। इस उठापटक ने शेयर बाजार और म्यूचुअल फंडों के प्रतिफल (रिटर्न) को बुरी तरह चोट पहुँचायी है। इस लिहाज से 2025-26 के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन वाले फंडों का चयन करना एक सहज अध्ययन नहीं है। 

  • युद्ध, तेल संकट और महँगाई : सरकार क्यों दिखा रही बचत की राह - निवेश मंथन (अप्रैल 2026)

    प्रधानमंत्री मोदी की मितव्ययिता की अपील ने देश में खतरे की घंटी बजा दी है। सरकार हाल तक “सब ठीक है” का भरोसा दिला रही थी, पर अब प्रधानमंत्री ने पूरे देश को एकजुट होकर संकट का सामना करने का संदेश दे दिया है। 

देश मंथन के आलेख