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क्या चाँदी 100 डॉलर की तरफ बढ़ने को तैयार है?

चाँदी में भी इस समय तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है, लेकिन सोने के मुकाबले इसकी चार्ट संरचना कुछ ज्यादा दिलचस्प नजर आ रही है।

बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी करीब 76 डॉलर के आसपास कारोबार कर रही है और विश्लेषक के मुताबिक जब तक यह 60 डॉलर के ऊपर बनी हुई है, तब तक चाँदी को लेकर बहुत ज्यादा नकारात्मक होने की जरूरत नहीं है। वहीं ऊपर की तरफ 80 डॉलर का स्तर बेहद महत्वपूर्ण है। अगर चांदी 80 डॉलर के ऊपर मजबूती से टिकती है, तो इसमें ट्रिपल डिजिट यानी 100 डॉलर के स्तर की तरफ बढ़ने की संभावना बन सकती है।

चांदी के लिए 60 डॉलर का स्तर एक अहम सपोर्ट की तरह देखा जा रहा है। अगर कीमत इस स्तर के नीचे जाती है, तो कमजोरी और बढ़ सकती है और 50 डॉलर, 45 डॉलर जैसे निचले स्तर भी चर्चा में आ सकते हैं। इसलिए मौजूदा स्थिति में 60 डॉलर के नीचे की चाल को नजरअंदाज करना मुश्किल होगा। इसके विपरीत, जब तक यह स्तर सुरक्षित है, तब तक चांदी में कंसोलिडेशन या ऊपर की तरफ दोबारा मजबूती की संभावना बनी रह सकती है।

चार्ट के नजरिए से चाँदी में राउंडिंग बॉटम बनने की संभावना पर भी चर्चा हुई। हालांकि मौजूदा संरचना को पूरी तरह से एक क्लीन राउंडिंग बॉटम कहना जल्दबाजी होगी। लेकिन अगर चांदी 80 डॉलर के ऊपर टिकने में कामयाब होती है, तो यह मौजूदा कंसोलिडेशन से बाहर निकलने का महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है। इसके बाद इसमें 100 डॉलर के आसपास के स्तरों की तरफ बढ़ने की संभावना मजबूत हो सकती है। हालांकि 80 डॉलर के ऊपर टिकाऊ मजबूती आना इसके लिए जरूरी शर्त मानी जा रही है।

घरेलू बाजार में शॉर्ट टर्म निवेशकों के लिए रुपये में चाँदी की कीमत ज्यादा महत्वपूर्ण होगी। मौजूदा कीमत करीब 2 लाख 37 हजार 500 रुपये के आसपास मानें तो यहां से लगभग 10 फीसदी नीचे का क्षेत्र एक अहम सपोर्ट जोन बन सकता है। करीब 2.10 लाख रुपये के आसपास का स्तर इस लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके अलावा मार्च से मई के बीच बने पुराने निचले स्तर के आसपास भी मजबूत सपोर्ट देखा जा रहा है, जो करीब 2 लाख रुपये के क्षेत्र में है। अगर चांदी इस स्तर से ऊपर बनी रहती है, तो मौजूदा तेजी की कहानी पूरी तरह कमजोर नहीं होगी।

चांदी के लिए एक और सकारात्मक पहलू घरेलू मांग हो सकती है। देश में त्योहारी सीजन शुरू होने के साथ सोने और चांदी की खरीदारी में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। गणपति से शुरू होने वाले त्योहारों के बाद शुभ खरीदारी का दौर बढ़ता है, जिससे घरेलू बाजार में कीमती धातुओं की मांग को सहारा मिल सकता है। हालांकि शॉर्ट टर्म में चांदी की कीमत सिर्फ घरेलू मांग से तय नहीं होगी। अंतरराष्ट्रीय कीमत, डॉलर और वैश्विक बाजार की दिशा भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।


(शेयर मंथन, 08 सितंबर 2026)

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