क्या ब्रेंट क्रूड 90 डॉलर के नीचे आए बिना बाजार में स्थिरता संभव है?
कच्चे तेल की कीमतें इस समय 100 डॉलर के नीचे जरूर आ चुकी हैं, लेकिन बाजार के लिए असली राहत तब मानी जाएगी जब ब्रेंट क्रूड 90 डॉलर प्रति बैरल के नीचे स्थिर रूप से आ जाए।
कच्चे तेल की कीमतें इस समय 100 डॉलर के नीचे जरूर आ चुकी हैं, लेकिन बाजार के लिए असली राहत तब मानी जाएगी जब ब्रेंट क्रूड 90 डॉलर प्रति बैरल के नीचे स्थिर रूप से आ जाए।
हालिया बाजार तेजी में बैंकिंग सेक्टर ने अग्रणी भूमिका निभाई, जबकि आईटी सेक्टर अपेक्षाकृत सुस्त बना रहा। यह स्थिति बाजार के भीतर चल रही सेक्टोरल असमानता को दिखाती है।
वैश्विक निवेशकों यानी एफआईआई (Foreign Institutional Investors) की लगातार बिकवाली के बावजूद भारतीय शेयर बाजार में मजबूती देखना एक महत्वपूर्ण संकेत है।
हालिया बाजार तेजी को लेकर यदि एक प्रमुख कारण की बात करें, तो इसे मुख्य रूप से एक्सपायरी से जुड़ी शॉर्ट कवरिंग का परिणाम माना जा सकता है।
एक निवेशक जानना चाहते हैं कि उन्हें एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) के शेयर में आगे क्या करना चाहिए? आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?