शेयर मंथन में खोजें

निफ्टी (Nifty) चढ़ कर 5720 पर, सेंसेक्स (Sensex) 57 अंक ऊपर

कारोबारी सप्ताह के आखिरी दिन भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक मजबूती के साथ बंद हुए। 
निफ्टी (Nifty) 5700 के मनोवैज्ञानिक स्तर के ऊपर बंद हुआ।
सेंसेक्स (Sensex) 57 अंक यानी 0.30% की मजबूती के साथ 18,919 पर बंद हुआ। निफ्टी 27 अंक यानी 0.47% की बढ़त के साथ 5720 पर रहा। सीएनएक्स मिडकैप सूचकांक में 1.09% की मजबूती रही। बीएसई के मिडकैप सूचकांक में 0.29% की बढ़त और बीएसई स्मॉलकैप में 0.18% की कमजोरी रही। आज के कारोबार में कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और कैपिटल गुड्स क्षेत्र में सबसे ज्यादा खरीदारी का रुख रहा।  
सकारात्मक एशियाई संकेतों के बीच घरेलू बाजार की शुरुआत भी मजबूती के साथ हुई। निफ्टी 5700 के स्तर के ऊपर खुला, लेकिन बाजार ज्यादा देर तक इस मजबूती पर टिक नहीं सका और कारोबार के पहले घंटे में ही बाजार बढ़त गवाँ कर लाल निशान पर चला गया। निफ्टी 5700 के स्तर से नीचे फिसला। इस दौरान सेंसेक्स 18,821 पर और निफ्टी 5680 पर दिन के निचले स्तरों तक पहुँच गये। हालाँकि बाजार जल्द ही सँभल कर वापस हरे निशान पर लौटने में कामयाब रहा। निफ्टी भी 5700 के स्तर को पार कर गया। कारोबार के दूसरे घंटे में बाजार की मजबूती बढ़ी। इसके बाद बाजार में एक सीमित दायरे में कारोबार होता रहा। कमजोर यूरोपीय संकेतों की वजह से बाजार की मजबूती घटी और यह दोबारा लाल निशान पर फिसल गया। इसके बाद बाजार में लाल निशान पर ही ऊपर-नीचे कारोबार होता रहा। दोपहर के कारोबार में बाजार की मजबूती बढ़ी। इसके बाद जैसे-जैसे कारोबार बढ़ता गया, बाजार की मजबूती भी बढ़ती चली गयी। इस दौरान सेंसेक्स 18,989 पर और निफ्टी 5739 पर दिन के ऊपरी स्तरों तक चढ़ गये। कारोबार के आखिरी घंटों में बाजार की मजबूती घटी। आखिरकार सेंसेक्स-निफ्टी आज के कारोबार में उतार-चढ़ाव के बाद मजबूती के साथ बंद हुए। 
क्षेत्रो के लिहाज से आज कंज्यूमर ड्यूरेबल्स क्षेत्र को सबसे ज्यादा 3.20% का फायदा पहुँचा। कैपिटल गुड्स में 1.62% और ऑटो में 1.50% की मजबूती रही। पावर में 0.80%, धातु में 0.63%, बैंकिंग में 0.29%, आईटी में 0.13% और हेल्थकेयर में 0.11% की बढ़त रही। पीएसयू में 0.05% की हल्की बढ़त रही। दूसरी ओर, रियल्टी क्षेत्र में 3.93% की गिरावट रही। टीईसीके में 0.22% और एफएमसीजी में 0.09% की कमजोरी रही। तेल-गैस में 0.04% की हल्की कमजोरी रही। (शेयर मंथन, 01 मार्च 2013)  

 


Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख