शेयर मंथन में खोजें

निफ्टी (Nifty) गिर कर 6002 पर, सेंसेक्स (Sensex) 305 अंक टूटा

कारोबारी हफ्ते के पहले दिन भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक तेज गिरावट के साथ बंद हुए। 

कमजोरी वैश्विक संकेतों और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में कमजोरी बढ़ने से घरेलू बाजार पर दबाव बढ़ा।  

कारोबार के दौरान निफ्टी 6000 के स्तर से नीचे फिसल गया। हालाँकि अंत में यह इस स्तर से ऊपर पहुँचने में कामयाब रहा।

कारोबार के अंत में सेंसेक्स (Sensex) 305 अंक यानी 1.48% की गिरावट के साथ 20,209 पर रहा। निफ्टी (Nifty) 88 अंक यानी 1.44% गिर कर 6002 पर बंद हुआ। सीएनएक्स मिडकैप (CNX Midcap) में 1.13% की गिरावट रही। बीएसई मिडकैप (BSE Midcap) में 0.80% और बीएसई स्मॉलकैप (BSE Smallcap) में 0.47% की कमजोरी रही। क्षेत्रों के लिहाज से धातु और रियल्टी क्षेत्रों में सबसे ज्यादा बिकवाली का रुख रहा। 
नकारात्मक एशियाई संकेतों के बीच घरेलू बाजार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में बाजार में एक बेहद सीमित दायरे में कारोबार होता रहा।  कारोबार के दूसरे घंटे में बाजार की गिरावट बढ़ी। कमजोर यूरोपीय संकेतों के बीच घरेलू बाजार पर दबाव बढ़ा। दोपहर के कारोबार में बाजार लुढ़कता चला गया। कारोबार के आखिरी घंटे में बाजार में तेज गिरावट दर्ज की गयी। इस दौरान निफ्टी 6000 के स्तर से भी नीचे फिसल गया। सेंसेक्स 20,182 और निफ्टी 5994 दिन के निचले स्तरों तक चले गये। हालाँकि निफ्टी जल्दी ही इस स्तर से ऊपर पहुँचने में कामयाब रहा। आखिरकार सेंसेक्स-निफ्टी आज के कारोबार में गिरावट के साथ बंद हुए।  
क्षेत्रों के लिहाज से आज धातु क्षेत्र में सबसे ज्यादा 3.27% का घाटा हुआ। रियल्टी में 2.23%, ऑटो में 1.94%, आईटी-टीईसीके दोनों में 1.79% व 1.79%, तेल-गैस में 1.42%, पावर-बैंकिंग दोनों में 1.40% व 1.40%, कैपिटल गुड्स में 1.08% और हेल्थकेयर में 1.07% की गिरावट रही। एफएमसीजी में 0.83% और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 0.82% की कमजोरी रही। (शेयर मंथन, 03 फरवरी 2014)
 
 
 

 

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख