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उतार-चढ़ाव के बाद सेंसेक्स-निफ्टी (Sensex-Nifty) सपाट

कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक सपाट बंद हुए। 

निफ्टी (Nifty) 6,800 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे बंद हुआ। 

कारोबार के अंत में सेंसेक्स 13 अंक यानी 0.06% की मामूली बढ़त के साथ 21,715 पर रहा। निफ्टी 6,796 पर एकदम सपाट बंद हुआ। सीएनएक्स मिडकैप (CNX Midcap) में 1.25% की मजबूती रही। बीएसई मिडकैप (BSE Midcap) में 0.63% और बीएसई स्मॉलकैप (BSE Smallcap) में 0.63% की मजबूती रही। क्षेत्रों के लिहाज से आज पावर और कैपिटल गुड्स क्षेत्रों में सबसे ज्यादा खरीदारी का रुख रहा। 

सकारात्मक एशियाई संकेतों के बीच घरेलू बाजार की शुरुआत बढ़त के साथ हुई। निफ्टी 6,800 के स्तर से ऊपर खुला। इस दौरान सेंसेक्स 22,792 और निफ्टी 6,819 दिन के ऊपरी स्तरों पर रहे। कारोबार के दूसरे घंटे में बाजार बढ़त गवाँ कर लाल निशान पर फिसल गया। निफ्टी 6,800 के स्तर से नीचे फिसल गया। इसके बाद बाजार में एक बेहद सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव के बीच कारोबार होता रहा। कमजोर यूरोपीय संकेतों के बीच घरेलू बाजार हरे निशान पर लौटने में कामयाब रहा। निफ्टी 6,800 के स्तर को पार कर गया। दोपहर के कारोबार में मजबूती के साथ सीमित दायरे में कारोबार रहा। हालाँकि इस दौरान बाजार कुछ देर के लिए लाल निशान पर फिसल गया, लेकिन जल्द ही हरे निशान पर लौट आया। कारोबार के आखिरी आधे घंटे में बाजार बढ़त गवाँ कर लाल निशान पर फिसला। इस दौरान बाजार में सेंसेक्स 22,644 और निफ्टी 6,777 दिन के निचले स्तरों तक लुढ़क गये। उतार-चढ़ाव के बीच कारोबार होता रहा। आखिरकार सेंसेक्स-निफ्टी आज के कारोबार में गिरावट के साथ बंद हुए। 

क्षेत्रों के लिहाज से आज पावर क्षेत्र को सबसे ज्यादा 2.52% का फायदा हुआ। कैपिटल गुड्स में 1.61%, रियल्टी में 1.25%, तेल-गैस में 0.74% और ऑटो में 0.54% की मजबूती रही। धातु में 0.22% और बैंकिंग में 0.05% की हल्की बढ़त रही। दूसरी ओर, हेल्थकेयर में 1.47% की गिरावट रही। आईटी में 0.80%, टीईसीके में 0.73%, एफएमसीजी में 0.47% और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 0.38% की कमजोरी रही। (शेयर मंथन, 10 अप्रैल 2014)

 

 

 

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