शेयर मंथन में खोजें

उतार-चढ़ाव के बाद सेंसेक्स-निफ्टी (Sensex-Nifty) में रहा मिला-जुला रुख

कारोबारी हफ्ते के आखिरी दिन भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए।

कारोबार के अंत में सेंसेक्स 22 अंक यानी 0.08% की कमजोरी के साथ 27,090 पर रहा। निफ्टी 7 अंक यानी 0.08% की मामूली बढ़त के साथ 8,121 पर बंद हुआ। सीएनएक्स मिडकैप (CNX Midcap) में 0.60% की गिरावट रही। बीएसई के स्मॉलकैप (Smallcap) में 0.63% और बीएसई मिडकैप (BSE Midcap) में 0.04% की बढ़त रही। क्षेत्रों के लिहाज से कैपिटल गुड्स और तेल-गैस में सबसे ज्यादा बिकवाली का रुख रहा। आईटी और टीईसीके में सबसे ज्यादा खरीदारी का रुख रहा। 

सकारात्मक एशियाई संकेतों के बीच घरेलू बाजार की शुरुआत बढ़त के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच कारोबार होता रहा। हालाँकि कारोबार के दूसरें घंटे में बाजार हरे निशान पर बने रहने में कामयाब रहा। इस दौरान बाजार का जोश बढ़ा। सेंसेक्स 27,247 और निफ्टी 8,161 दिन के ऊपरी स्तरों तक चढ़ गये। मजबूत यूरोपीय संकेतों के बीच घरेलू बाजार बढ़त गवाँ कर लाल निशान पर फिसल गया। हालाँकि बाजार जल्द ही हरे निशान पर लौटने में कामयाब रहा। दोपहर के कारोबार में बाजार में एक सीमित दायरे में कारोबार होता रहा, लेकिन कारोबार के आखिरी घंटों में बाजार पर दबाव बढ़ा। इस दौरान बाजार में लाल निशान के ऊपर-नीचे कारोबार जारी रहा। कारोबार के आखिरी मिनटों में सेंसेक्स 27,048 और निफ्टी 8,105 दिन के निचले स्तरों तक लुढ़क गये। आखिरकार, सेंसेक्स-निफ्टी आज के कारोबार में अपने निचले स्तरों के आसपास ही बंद हुए। 

क्षेत्रों के लिहाज से कैपिटल गुड्स में सबसे ज्यादा 1.899% की गिरावट रही। तेल-गैस में 1.22%, रियल्टी में 0.81%, ऑटो में 0.70%, धातु में 0.50%, एफएमसीजी-पावर दोनों में 0.40% व 0.40% और बैंकिंग में 0.05% की कमजोरी रही। दूसरी ओर, आईटी में 1.39% की मजबूती रही। टीईसीके में 1.13%, हेल्थकेयर में 0.33% और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 0.07% की बढ़त रही। (शेयर मंथन, 19 सितंबर 2014) 

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख