शेयर मंथन में खोजें

आर्थिक सर्वेक्षण से बाजार का भरोसा लौटा, सेंसेक्स 473 अंक बढ़कर बंद

आर्थिक सर्वेक्षणों से मिले सकारात्मक संकेतों से शेयर बाजार में आज जोरदार तेजी देखने को मिली है।

आज के कारोबार में सेंसेक्स 473 अंक यानि 1.65% बढ़कर 29,220 पर बंद हुआ, वहीं निफ्टी 161 अंक यानि 1.85% बढ़कर 8,844 पर बंद हुआ। बाजार में आज के कारोबार की शुरुआत से ही बढ़त का रुख था। दोपहर में आर्थिक सर्वेक्षण में बेहतर विकास दर के संकेत मिलने से बाजार में बढ़त और तेज हो गयी। साथ ही बाजार को उम्मीद है कि कल आने वाला बजट भी सुधारों की रफ्तार तेज कर सकता है।

सेंसेक्स में शामिल शेयरों की बात करें तो आज सबसे ज्यादा बढ़त टाटा पावर में देखने को मिली, शेयर 5.43% बढ़कर बंद हुआ। वहीं एलएंडटी 4.67%, आईसीआईसीआई बैंक का शेयर 4.25% एसएसएलटी का शेयर 4.20% बढ़कर बंद हुआ। 30 शेयरों के सूचकांक में से 7 शेयर ऐसे रहे जिसमें 3% से ज्यादा की बढ़त रही वहीं 14 शेयर ऐसे रहे जिसमें 1 से 3% की बढ़त देखने को मिली। वहीं पूरे बाजार की बात करें तो सबसे ज्यादा बढ़त यूनिटेक में देखने को मिली, शेयर 17% बढ़कर बंद हुआ।

आज के कारोबार में निफ्टी 161 अंक यानि 1.85% बढ़कर 8,844 पर बंद हुआ, निफ्टी में शामिल 50 शेयरों में से 47 में बढ़त देखने को मिली वहीं 3 शेयर गिरकर बंद हुए। सेक्टर की बात करें तो आज के कारोबार में बीएसई पर एफएमसीजी को छोड़कर सभी सेक्टर सूचकांक बढ़कर बंद होने में कामयाब रहे। सबसे ज्यादा बढ़त रियल्टी, ऊर्जा, मेटल, ऑटो सेक्टर में देखने को मिली। (शेयर मंथन 27 फरवरी 2015)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख