शेयर मंथन में खोजें

शुक्रवार को बाजार फिर कमजोर, निफ्टी (Nifty) 8600 के पास

शुक्रवार को सपाट शुरुआत के बाद भारतीय शेयर बाजार में कमजोरी का रुझान बना रहा और यह दिन के निचले स्तर के पास ही बंद हुआ।

बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 224 अंक या 0.78% की गिरावट दर्ज कर 28,442 पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी (NSE Nifty) 101 अंक या 1.16% लुढ़का और 8607 पर बंद हुआ। छोटे-मँझोले शेयरों पर कहीं ज्यादा तीखी मार पड़ी। बीएसई मिडकैप में 2% की भारी गिरावट आयी, तो बीएसई स्मॉलकैप भी 1.45% गिर गया। एनएसई में भी सीएनएक्स मिडकैप 1.54% और सीएनएक्स स्मॉलकैप 1.31% गिरावट के साथ बंद हुए।
धातु शेयरों को छोड़ कर लगभग सभी क्षेत्रों में गिरावट दर्ज की गयी। बीएसई हेल्थकेयर सूचकांक में सबसे ज्यादा 3.05% गिरावट आयी। टीईसीके में 2.02%, आईटी में 2.00%, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 1.80%, बैंकेक्स में 1.64%, ऑटो में 1.13% और कैपिटल गुड्स में 0.74% कमजोरी दर्ज की गयी। दूसरी ओर धातु सूचकांक 1.14% ऊपर चढ़ा। (शेयर मंथन, 17 अप्रैल 2015)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख