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एक दिन की हरियाली के बाद बाजार फिर हुआ कमजोर

भारतीय शेयर बाजार में पाँच दिनों की लगातार गिरावट के बाद बुधवार को सकारात्मक रुझान बना था, मगर गुरुवार को यह फिर से कमजोर हो गया।

बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 155 अंक या 0.56% गिर कर 27,735 पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी (NSE Nifty) 31 अंक या 0.37% गिर कर 8,398 पर आ गया। हालाँकि बुधवार की मजबूती के बाद गुरुवार सुबह भी बाजार ने अच्छे वैश्विक संकेतों के बीच बढ़त के साथ ही शुरुआत की थी। सुबह के कारोबार में सेंसेक्स 27,977 तक चढ़ गया, लेकिन 28,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर को लगभग छू लेने के बाद यह नीचे पलट गया। निफ्टी भी आज सुबह 8,505 तक चढ़ने के बाद फिसल गया और 8,362 के निचले स्तर तक लुढ़का।
हालाँकि मँझोले शेयरों में बढ़त का रुझान दिखा, जिससे बीएसई मिडकैप में 0.58% की मजबूती नजर आयी। एनएसई में सीएनएक्स मिडकैप कुछ खास बढ़त दर्ज नहीं कर सका, मगर यह हरे निशान में रहा। इसमें केवल 0.06% की मामूली बढ़त आयी। वहीं छोटे शेयरों के सूचकांकों को देखें तो बीएसई स्मॉलकैप 0.16% नीचे और एनएसई स्मॉलकैप में 0.43% की गिरावट आयी।
सेंसेक्स के दिग्गज शेयरों में सन फार्मा (-2.55%), एसबीआई (-2.41%), टाटा मोटर्स (-2.24%), एनटीपीसी (-2.10%), विप्रो (-1.51%) और महिंद्रा ऐंड महिंद्रा (-1.51%) में सबसे ज्यादा दबाव नजर आया। दूसरी ओर टाटा स्टील (5.00%), कोल इंडिया (1.45%), मारुति (0.92%), बीएचईएल (0.91%), सिप्ला (0.87%) और टीसीएस (0.37%) की बढ़त के साथ बंद हुए।
कमजोर क्षेत्रों को देखें तो बीएसई कैपिटल गुड्स सूचकांक में 0.89%, हेल्थकेयर में 0.86% और रियल्टी में 0.85% की गिरावट आयी। दूसरी ओर धातु सूचकांक में 1.56% और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 1.25% की बढ़त दर्ज हुई। (शेयर मंथन, 23 अप्रैल 2015)

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