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गुरुवार को भारतीय बाजार फिसला, सेंसेक्स 134 अंक नीचे

भारतीय शेयर बाजार पिछले दिन की अपनी मजबूती गुरुवार को जारी नहीं रख सका और एक बार फिर मुनाफावसूली के दबाव से लाल निशान में रहा।

संसद में ललित मोदी और व्यापम से जुड़े मामलों पर हंगामे के चलते कार्यवाही बार-बार रुकती रही, जिससे जरूरी विधायी कार्यों के बारे में बाजार में चिंता रही। हालाँकि सुबह के शुरुआती कारोबार में बाजार ने हरे निशान में टिकने की कोशिश की थी, मगर इस कोशिश में यह लाल हरे निशान में झूलता रहा। करीब दो घंटे के कारोबार के बाद यह बिकवाली की चपेट में आ गया और उसके बाद सँभल नहीं पाया। दोपहर में सँभलने की इसकी कोशिश नाकाम रही और यह हरे निशान में लौट नहीं पाया।
दिन भर के उतार-चढ़ाव के बाद अंत में बीएसई (BSE) का सेंसेक्स (Sensex) 134 अंक या 0.47% गिर कर 28,371 पर बंद हुआ। इसी तरह एनएसई (NSE) का निफ्टी (Nifty) भी 44 अंक या 0.51% की गिरावट के साथ 8,590 पर आ गया।
हालाँकि छोटे-मँझोले शेयरों पर ऐसा दबाव नजर नहीं आया। जहाँ बीएसई मिडकैप में 0.16% की हल्की गिरावट दर्ज हुई, वहीं बीएसई स्मॉलकैप हरे निशान में ही रहा और 0.51% चढ़ कर बंद हुआ। एनएसई में सीएनएक्स मिडकैप 0.17% और सीएनएक्स स्मॉलकैप 0.40% ऊपर बंद हुए। (शेयर मंथन, 23 जुलाई 2015)

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