शेयर मंथन में खोजें

लगातार दूसरे दिन भी गिर कर बंद हुआ शेयर बाजार

एशियाई बाजारों में जारी गिरावट का दवाब आज भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिला।

सुबह दोनों प्रमुख भारतीय सूचकांकों ने हरे रंग में कारोबार की शुरुआत की और शुरुआती कारोबार में बाजार में मजबूती का रुख भी बना हुआ था लेकिन दोपहर 12 बजे के आसपास बाजार लाल यू टर्न लेते हुए लाल निशान में आ गया और फिर सत्र के अंत कर दोनों सूचकांक लाल निशान में ही रहे। सुबह सेंसेक्स 71 अंक या 0.25% की बढ़त के साथ 27,949 पर खुला। वहीं एनएसई (NSE) में निफ्टी ने भी 29 अंक या 0.34% की बढ़त के साथ 8,506 पर कारोबार की शुरुआत की। सत्र के अंत में सेंसेक्स 47 अंक या 0.17% की गिरावट के साथ 27,832 पर बंद हुआ तो वहीं निफ्टी भी 11 अंक या 0.13% गिरकर 8,466 बंद हुआ।
छोटे-मँझोले शेयरों में आज बढ़त का रुख देखने को मिला। बीएसई मिडकैप में 0.47% और बीएसई स्मॉलकैप में 0.85% की बढ़त के साथ बंद हुआ। तो वहीं इसी तरह एनएसई के सीएनएक्स मिडकैप में 0.51% और सीएनएक्स स्मॉलकैप 1.14% की बढ़त दर्ज हुई।
क्षेत्रवार देखें तो आज क्षेत्रों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। बीएसई में आईटी (1.61%), कंज्यूमर ड्यूरेबल (1.15%), टीईसीके (-0.96%), कैपिटल गुड्स (0.88%), ऑटो (0.60%) हरे निशान में रहे। तो वहीं मेटल (-1.92%), हेल्थकयर (-0.57%), रियल्टी (-0.32%), बैकिंग (-0.20%), पावर (-0.17%), एफएमसीजी (-0.05%), तेल-गैस (-0.01%) लाल निशान में रहे।  (शेयर मंथन 18 अगस्त 2015)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख