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बाजार के लिए कैसा रहा नये वित्त वर्ष का पहला हफ्ता?

आरबीआई (RBI) की मौद्रिक नीति और विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं चीन तथा अमेरिका के बीच व्यापार तनाव के कारण चालू वित्त वर्ष के पहले सप्ताह में शेयर बाजार काफी अस्थिर रहा।

आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति ने बैंक दरों तथा मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (MSF) को 6.25%, रेपो दर को 6% और रिवर्स रेपो दर को 5.75% बरकरार रखा। वही चीन और अमेरिका ने एक-दूसरे नये आयात शुल्क लगाने की तैयारी की। 2018-19 के पहले कारोबारी हफ्ते में एक ओर विदेशी निवेशकों की ओऱ से बिकवाली हुई तो वहीं घरेलू निवेशकों ने खरीदारी की। इसके अलावा विभिन्न घरेलू तथा वैश्विक संकेतों ने शेयर बाजार को अस्थिर रखा। मगर फिर भी सप्ताह में सेंसेक्स 658.29 अंकों की बढ़त के साथ 33,626.97 और निफ्टी 218 अंकों की मजबूती के साथ 10,331.6 पर बंद हुआ।
वहीं सेक्टरों पर नजर डालें तो सबसे शानदार प्रदर्शन ऑटो ने किया। ऑटो सेक्टर में 5.6% की बढ़त दर्ज की गयी। वहीं हेल्थकेयर 4%, यूटिलिटीज 2.4% और आईटी 1.1% ऊपर चढ़े। अस्थिर सप्ताह होने के बावजूद केवल एक सेक्टर ही लाल निशान में रहा। सिर्फ उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं में 0.3% की कमजोरी दर्ज की गयी। (शेयर मंथन, 07 अप्रैल 2018)

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