शेयर मंथन में खोजें

एशियाई बाजारों से मिले नकारात्मक रुझानों से बाजार में गिरावट

कारोबारी सप्ताह के अंतिम दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में कमजोर शुरुआत हुई है।

बाजार पर एशियाई बाजारों में आय़ी गिरावट का असर दिख रहा है। हालाँकि कल अमेरिकी और यूरोपीय बाजारों में मजबूती आयी थी। रिलायंस इंडस्ट्रीज, विप्रो, यस बैंक, एचडीएफसी और एचडीएफसी बैंक में गिरावट से भी सूचकांकों पर दबाव है।
बीएसई सेंसेक्स (Sensex) 33,690.09 के पिछले बंद स्तर की तुलना में 33,776.80 पर खुला और शुरुआती कारोबार में 33,457.94 के निचले स्तर तक फिसला है। 9.20 बजे सेंसेक्स 140.29 अंक या 0.42% की कमजोरी के साथ 33,549.80 पर है। वहीं एनएसई का निफ्टी (Nifty) 10,124.90 के पिछले बंद स्तर के मुकाबले 10,122.35 पर खुल कर 60.10 अंक या 0.59% की गिरावट के साथ 10,064.80 पर चल रहा है।
आज छोटे-मॅंझोले बाजारों में भी कमजोरी दिख रही है। केवल बीएसई मिडकैप में 0.47% और बीएसई स्मॉलकैप में 0.57% की कमजोरी है। जबकि निफ्टी मिड 100 में 0.79% और निफ्टी स्मॉल 100 में 1.23% की कमजोरी है। इस समय निफ्टी के 50 में से केवल 09 और सेंसेक्स के प्रमुख 31 शेयरों में से सिर्फ 05 शेयर मजबूत स्थिति में हैं। (शेयर मंथन, 26 अक्टूबर 2018)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख