शेयर मंथन में खोजें

अमेरिका के चीन के सामानों पर आयात शुल्क लगाने की घोषणा से टूटा बाजार

कारोबारी सप्ताह के पहले दिन सोमवार को सेंसेक्स और निफ्टी में जोरदार गिरावट दर्ज की गयी।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चीन के साथ व्यापार वार्ता बहुत धीमी गति से आगे बढ़ने और चीन के 200 अरब डॉलर के समानों पर 25% शुल्क लगाने का ऐलान किया है। उन्होंने "शीघ्र ही" 325 अरब डॉलर के और चीनी सामानों पर भी 25% शुल्क लगाने की बात कही। इससे एशियाई बाजारों में भारी गिरावट देखने को मिली और भारतीय बाजार पर भी नकारात्मक असर पड़ा।
बीएसई सेंसेक्स (BSE SENSEX) 38,963.26 अंकों के पिछले बंद स्तर की तुलना में आज सुबह कमजोरी के साथ 38,719.33 पर खुला। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 38,509.79 अंकों के निचले स्तर तक गिरा। आखिर में यह 362.92 अंक या 0.93% की गिरावट के साथ 38,600.34 पर बंद हुआ। वहीं एनएसई (NSE) का निफ्टी (Nifty) 11,712.25 के पिछले बंद स्तर की तुलना में 11,605.80 पर खुल कर 114.00 अंक या 0.97% की गिरावट के साथ 11,598.25 पर बंद हुआ। आज निफ्टी का निचला स्तर 11,571.35 पर रहा।
निफ्टी के प्रमुख 50 शेयरों में से 08 शेयरों में मजबूती और 39 ही शेयरों में कमजोरी आयी, जबकि निफ्टी के 3 शेयर सपाट बंद हुए। वहीं बीएसई के 05 प्रमुख शेयरों में बढ़ोतरी और 25 शेयरों में गिरावट दर्ज की गयी, जबकि इसका एक शेयर सपाट बंद हुआ।
आज के कारोबार में सेंसेक्स के दिग्गज शेयरों में से आईटीसी में 1.12%, टीसीएस में 1.04%, भारती एयरटेल में 0.69%, सन फार्मा में 0.09% और ओएनजीसी में 0.06% की बढ़त आयी। गिरने वाले शेयरों में से यस बैंक में 5.30%, टाटा मोटर्स में 4.49%, बजाज फाइनेंस में 2.33%, टाटा स्टील में 2.20%, एचडीएफसी में 2.13% और इंडसइंड बैंक में 2.03% की कमजोरी दर्ज की गयी।
आज बीएसई के कुल शेयरों में से 874 शेयरों में मजबूती के मुकाबले 1,590 शेयरों में कमजोरी आयी, जबकि 201 शेयर सपाट रहे।
प्रमुख सूचकांकों के अलावा छोटे-मँझोले बाजारों में हल्का बदलाव आया। बीएसई मिडकैप (BSE Midcap) में 0.79% और बीएसई स्मॉलकैप (BSE SmallCap) में 0.85% की गिरावट आयी। वहीं निफ्टी मिडकैप 100 (Nifty Midcap 100) में 0.74% और निफ्टी स्मॉल 100 (Nifty Small 100) में 0.94% की कमजोरी देखने को मिली। (शेयर मंथन, 06 मई 2019)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख